Bihar News : BPSC ने सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट को बताया भ्रामक, पेपर लीक के दावों को किया सिरे से खारिज
Bihar News : बिहार लोक सेवा आयोग ने पेपर लिक की अफवाहों को सिरे से खारिज किया है. आयोग की ओर से सोशल मीडिया पर किये जा रहे पोस्ट को भी भ्रामक बताया है.....पढ़िए आगे
PATNA : बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही खबरों को पूरी तरह निराधार और तथ्यों से परे बताया है। आयोग ने एक आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है, जिसका एकमात्र उद्देश्य अभ्यर्थियों के बीच भ्रम फैलाना और आयोग की छवि को नुकसान पहुँचाना है।
निविदा प्रक्रिया पर आयोग की सफाई
आयोग ने बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के लिए एजेंसी के चयन पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए कहा कि एजेंसी का चयन पूरी तरह पारदर्शी और विधिवत निविदा (Tender) प्रक्रिया के माध्यम से किया गया है। आयोग के मुताबिक, अगस्त 2025 में ही न्यूनतम दर के आधार पर एजेंसी का चयन कर लिया गया था। सोशल मीडिया (X) पर वायरल हो रहे 'राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी' (NTA) के जिस पत्र का हवाला दिया जा रहा है, वह 25 अक्टूबर 2025 का है। आयोग ने स्पष्ट किया कि निविदा प्रक्रिया अगस्त में ही पूरी हो चुकी थी, इसलिए अक्टूबर के किसी पत्र का इस प्रक्रिया पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
मुंगेर परीक्षा: साजिश नाकाम, पेपर लीक नहीं
मुंगेर में 'सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी' परीक्षा के प्रश्न-पत्र लीक होने की अफवाहों पर भी आयोग ने स्थिति स्पष्ट की है। BPSC ने बताया कि 14 अप्रैल 2026 को आयोजित हुई यह परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण और निष्पक्ष रही। गड़बड़ी की किसी भी संभावना को पुलिस ने परीक्षा से एक दिन पहले ही नाकाम कर दिया था। इस मामले में 20 अभ्यर्थियों सहित कुल 22 लोगों को साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। आयोग ने जोर देकर कहा कि इस सतर्कता के कारण परीक्षा के दौरान कोई अनियमितता या प्रश्न-पत्र लीक की घटना नहीं हुई।
अभ्यर्थियों से अपील
आयोग ने परीक्षार्थियों और आम जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट और भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें। किसी भी आधिकारिक सूचना के लिए केवल आयोग की वेबसाइट पर ही भरोसा करें। आयोग ने चेतावनी दी है कि गलत सूचना फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।