Bihar Politics: INDI गठबंधन पर चिराग का तीखा वार, बोले-यह गठबंधन नहीं, एक-दूसरे की कमजोरियां छिपाने का समझौता, RJD पर भी साधा निशाना

Bihar Politics: केंद्रीय मंत्री और चिराग पासवान ने INDI गठबंधन की बैठक, सुरक्षा व्यवस्था के मुद्दे और राजद की राजनीतिक कार्यशैली पर जमकर निशाना साधा।...

INDI गठबंधन पर चिराग का तीखा वार- फोटो : reporter

Bihar Politics: बिहार की सियासत में विधान परिषद चुनाव और विपक्षी एकजुटता को लेकर बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। केंद्रीय मंत्री और चिराग पासवान ने INDI गठबंधन की बैठक, सुरक्षा व्यवस्था के मुद्दे और राजद की राजनीतिक कार्यशैली पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने विपक्षी गठबंधन को अवसरवादी करार देते हुए कहा कि यह वैचारिक नहीं, बल्कि राजनीतिक मजबूरियों और एक-दूसरे की कमजोरियों को छिपाने का गठजोड़ है।

INDI गठबंधन की बैठक को लेकर चिराग पासवान ने कहा कि जिस तरह दक्षिण भारत में DMK की नाराजगी की खबरें सामने आ रही हैं, उससे साफ है कि कांग्रेस अपने पुराने और ईमानदार सहयोगियों का विश्वास बनाए रखने में विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता की राजनीति में कांग्रेस ने अपने सहयोगियों के साथ धोखा किया है, इसलिए कई दल अब उससे दूरी बनाने लगे हैं।

उन्होंने खास तौर पर ममता बनर्जी का जिक्र करते हुए कहा कि यह आश्चर्य की बात है कि जिनके खिलाफ कभी राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं ने गंभीर आरोप लगाए थे, वही आज पूरे उत्साह के साथ गठबंधन की बैठकों में शामिल हो रही हैं। चिराग ने तंज कसते हुए कहा कि यह गठबंधन विचारधारा का नहीं, बल्कि राजनीतिक समझौते का मंच बन गया है, जहां दल एक-दूसरे की कमियों और विवादों पर पर्दा डालने का काम कर रहे हैं।

विधान परिषद चुनाव पर बोलते हुए चिराग पासवान ने अपनी पार्टी की उपलब्धि को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी के विधायकों की बदौलत आज विधान परिषद में उनका प्रतिनिधित्व बढ़ने जा रहा है। उन्होंने पार्टी उम्मीदवार अशरफ अंसारी की जमकर तारीफ की और कहा कि वे स्वर्गीय रामविलास पासवान के पुराने सहयोगी रहे हैं। चिराग ने कहा कि अशरफ अंसारी ने कभी पद या लाभ की अपेक्षा नहीं की, बल्कि हर कठिन दौर में पार्टी के साथ मजबूती से खड़े रहे। ऐसे समर्पित कार्यकर्ता को विधान परिषद भेजना पार्टी के लिए गर्व की बात है।सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राबड़ी देवी द्वारा सुरक्षा वापस किए जाने के सवाल पर चिराग ने कहा कि सुरक्षा जैसे संवेदनशील विषय का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि परिस्थितियों और सुरक्षा एजेंसियों के आकलन के आधार पर समय-समय पर सुरक्षा बढ़ाई या घटाई जाती है। उन्होंने खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी सुरक्षा भी कई बार बढ़ाई और घटाई गई है, इसलिए इसे राजनीतिक चश्मे से नहीं देखना चाहिए।

वहीं विधान परिषद नामांकन में लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति की चर्चा पर चिराग ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इससे पार्टी के भीतर गंभीरता के अभाव का संकेत मिलता है। उनका कहना था कि जिस पद और जिम्मेदारी के लिए उम्मीदवार मैदान में उतर रहा है, उसके प्रति नेतृत्व की गंभीरता भी दिखाई देनी चाहिए।चिराग पासवान के इन बयानों ने एक बार फिर बिहार की राजनीति में बयानबाजी का तापमान बढ़ा दिया है। विधान परिषद चुनाव और आगामी राजनीतिक समीकरणों के बीच उनके हमले विपक्षी दलों के लिए नई चुनौती के रूप में देखे जा रहे हैं।

रिपोर्ट- नरोत्तम कुमार सिंह