जेलर ही निकला 'जल्लाद'? 10 लाख और फार्च्यूनर कार के लिए श्वेता को भूखा मारा, फॉर्च्यूनर के लिए बलि चढ़ी पटना की बेटी!

डिप्टी जेलर नंदू चौधरी की पत्नी श्वेता कुमारी का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला। मायके वालों का आरोप है कि फॉर्च्यूनर और 10 लाख की भूख में जेलर पति ने श्वेता को तीन दिनों तक भूखा रखकर मौत के घाट उतार दिया

Samastipur -  समस्तीपुर में दरभंगा के डिप्टी जेलर की पत्नी की संदिग्ध मौत ने राज्य के प्रशासनिक और सामाजिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। विद्यापतिनगर थाना क्षेत्र के शेरपुर गांव में बुधवार को श्वेता कुमारी का शव घर के फंदे से लटका मिला, जिसके बाद मायके वालों ने इसे दहेज हत्या का सनसनीखेज मामला करार दिया है। मृतका के भाई ने पति, सास और ससुर समेत पूरे ससुराल पक्ष पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। 

फॉर्च्यूनर और 10 लाख की डिमांड

मृतका श्वेता कुमारी पटना के अगमकुआं की रहने वाली थी और उसकी शादी मई 2023 में दरभंगा में सहायक जेल अधीक्षक के पद पर तैनात नंदू चौधरी से हुई थी। भाई शशिभूषण चौधरी का आरोप है कि शादी के समय कार और अन्य कीमती सामान दिए जाने के बावजूद ससुराल वाले लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि आरोपी पति और ससुराल पक्ष गिफ्ट में फॉर्च्यूनर गाड़ी और 10 लाख रुपये नकद की मांग कर रहे थे और मांग पूरी न होने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। 

हत्या को आत्महत्या का रूप देने का आरोप

श्वेता के मायके वालों का दावा है कि उसकी हत्या करने के बाद शव को फंदे से लटका दिया गया ताकि इसे आत्महत्या साबित किया जा सके। भाई ने यह भी खुलासा किया कि पिछले 20 दिनों से श्वेता को शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था और बीते तीन दिनों से उसे खाना तक नहीं दिया गया था। घटना के बाद से आरोपी पति, सास-ससुर और देवर घर छोड़कर फरार हैं, जिससे संदेह और गहरा गया है। 

छुट्टी लेकर गायब हुए डिप्टी जेलर

दरभंगा जेल अधीक्षक स्नेहलता ने बताया कि डिप्टी जेलर नंदू चौधरी ने 11 फरवरी को अपनी बेटी की तबीयत खराब होने का हवाला देकर 11 दिनों की छुट्टी ली थी। चौंकाने वाली बात यह है कि सरकारी आवास होने के बावजूद वह दरभंगा में अकेले रहते थे और पत्नी को कभी साथ नहीं लाए, हालांकि सोशल मीडिया पर वे अक्सर परिवार के साथ वीडियो साझा करते थे। वर्तमान में डिप्टी जेलर का मोबाइल फोन बंद आ रहा है और उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। 

14 महीने की मासूम भांजी की सुरक्षा का डर

श्वेता के भाई ने पुलिस को दिए आवेदन में अपनी 14 महीने की भांजी की सुरक्षा को लेकर भी गहरी चिंता जताई है। उन्होंने आशंका व्यक्त की है कि ससुराल वाले बच्ची को भी नुकसान पहुँचा सकते हैं, क्योंकि फिलहाल बच्ची का कोई अता-पता नहीं है। एफआईआर के अनुसार, ससुराल वाले अक्सर दूसरी शादी करने की धमकी देते थे और श्वेता व उसकी बच्ची को रास्ते से हटाने की बात करते थे। 

पुलिस और फॉरेंसिक जांच जारी

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। डीएसपी विवेक कुमार शर्मा ने घटनास्थल का निरीक्षण कर फॉरेंसिक टीम को साक्ष्य जुटाने के निर्देश दिए हैं। थानाध्यक्ष सूरज कुमार ने पुष्टि की है कि मामला प्रथम दृष्टया दहेज प्रताड़ना से जुड़ा प्रतीत होता है और भाई के आवेदन के आधार पर डिप्टी जेलर और उनके परिजनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।