डीजीपी का मास्टरस्ट्रोक: क्राइम कंट्रोल का नया फॉर्मूला,अब नए सिरे से पुनर्गठित होंगे पुलिस अंचल

बिहार में पुलिस अंचलों का कायाकल्प बेहतर अनुसंधान के लिए डीजीपी ने कसी कमर,कानून-व्यवस्था और जांच की गुणवत्ता सुधारने के लिए अंचलों का पुनर्गठन इंस्पेक्टरों की तैनाती में बड़े बदलाव के संकेत

डीजीपी का मास्टरस्ट्रोक: क्राइम कंट्रोल का नया फॉर्मूला,अब नए सिरे से पुनर्गठित होंगे पुलिस अंचल - फोटो : NEWS 4 NATION

बिहार पुलिस की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए डीजीपी विनय कुमार ने राज्य के पुलिस अंचलों के पुनर्गठन का एक बड़ा निर्णय लिया है। इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य अपराध नियंत्रण को मजबूत करना, कानून व्यवस्था की निगरानी को बेहतर बनाना और लंबित मामलों के अनुसंधान में तेजी लाना है। पुलिस मुख्यालय द्वारा इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं, जो राज्य की सुरक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव का संकेत देते हैं।


इस पुनर्गठन प्रक्रिया के पीछे का प्राथमिक लक्ष्य पुलिस जांच (इन्वेस्टिगेशन) में होने वाली देरी और मानवीय लापरवाही को न्यूनतम करना है। गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी, ताकि आम जनता को त्वरित न्याय मिल सके। पुलिस अंचलों के इस नए ढांचे से न केवल कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि जटिल मामलों की निगरानी करना भी पहले से काफी आसान हो जाएगा।

योजना को धरातल पर उतारने के लिए 31 दिसंबर को डीजीपी और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के बीच एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में पुलिस इंस्पेक्टरों और अन्य रैंक के अधिकारियों की नई तैनाती की विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई है। आने वाले दिनों में इस पुनर्गठन के आधार पर पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर फेरबदल और नई नियुक्तियां देखी जाएंगी, जिससे बिहार पुलिस का ढांचा और अधिक सक्रिय होगा।