Bihar News : मंत्री के साथ अब प्रोफेसर भी! डॉ. अशोक चौधरी ने पाटलिपुत्र यूनिवर्सिटी में किया ज्वाइन, ‘नाम विवाद’ में आयोग ने दी क्लीन चिट

Bihar News : डॉ अशोक चौधरी अब मंत्री के साथ प्रोफ़सर की भूमिका भी निभायेगे. आज पाटलिपुत्र विवि में उन्होंने ज्वाइन कर लिया.....पढ़िए आगे

अशोक चौधरी बने प्रोफ़ेसर - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : बिहार सरकार के कद्दावर मंत्री डॉ. अशोक चौधरी अब राजनीति के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी अपनी भूमिका निभाएंगे। उन्होंने पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापक (Assistant Professor) के रूप में अपना कार्यभार संभाल लिया है। जॉइन करने के बाद डॉ. चौधरी ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी खुशी साझा करते हुए इसे अपने लिए हर्ष और गौरव का क्षण बताया। उन्होंने लिखा कि यह एक नई जिम्मेदारी और नया संकल्प है, जिससे वे समाज के प्रति अपनी सेवाओं का विस्तार करेंगे।

कार्यभार संभालने के बाद डॉ. अशोक चौधरी ने विश्वविद्यालय के शीर्ष अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने मगध विश्वविद्यालय के कुलपति और अपने मित्र प्रो. एस.पी. शाही के मार्गदर्शन की सराहना की। साथ ही, उन्होंने पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. उपेन्द्र और कुलसचिव अबू बकर रिज़वी का विशेष धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि इन अनुभवी शिक्षाविदों के सान्निध्य में कार्य करना उनके लिए सीखने का एक बेहतरीन अवसर होगा।

बताते चलें कि डॉ. अशोक चौधरी की इस नियुक्ति की राह इतनी आसान नहीं थी। पिछले एक साल से उनकी नियुक्ति तकनीकी कारणों से अटकी हुई थी। विवाद का मुख्य केंद्र उनके नाम में पाई गई कथित विसंगति थी। बताया गया था कि नियुक्ति के लिए जमा किए गए कुछ दस्तावेजों में उनका नाम 'अशोक कुमार' दर्ज था, जबकि कुछ अन्य कागजातों में 'अशोक चौधरी' लिखा हुआ था। इसी नाम के अंतर के चलते शिक्षा विभाग ने उनकी जॉइनिंग पर रोक लगा दी थी।

इस मामले में हाल ही में एक बड़ा मोड़ आया जब बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग (BSUSC) ने शिक्षा विभाग को एक विस्तृत डोजियर सौंपा। आयोग ने स्पष्ट किया कि मंत्री अशोक चौधरी के नाम को लेकर उठाई गई विसंगति पूरी तरह निराधार है। आयोग ने अपनी जांच में पाया कि उनके दस्तावेज और नाम की वैधता पूरी तरह सही है। इस क्लीन चिट के बाद ही उनकी नियुक्ति का रास्ता साफ हुआ और विभाग ने उन्हें जॉइन करने की अनुमति दी। अब सहायक प्राध्यापक के रूप में डॉ. अशोक चौधरी की नियुक्ति शिक्षा और राजनीति के गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है। एक कैबिनेट मंत्री का विश्वविद्यालय में शिक्षक के रूप में सेवा देना एक अनूठी मिसाल मानी जा रही है। समर्थकों का मानना है कि उनके शैक्षणिक अनुभव का लाभ छात्रों को मिलेगा।