बांकीपुर में किसकी बजेगी जीत की रणभेरी? एग्जिट पोल में प्रशांत किशोर को बढ़त, BJP के गढ़ में बदलाव के संकेत! पढ़िए क्या कहते हैं एग्जिट पोल

Bankipur bypoll Exit Polls: बिहार की सबसे चर्चित बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की जंग अब नतीजों की दहलीज पर खड़ी है। इस बीच सामने आए अलग-अलग एग्जिट पोल ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है।...

बांकीपुर में किसकी बजेगी जीत की रणभेरी? - फोटो : social Media

Bankipur bypoll Exit Polls:  बिहार की सबसे चर्चित बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की जंग अब नतीजों की दहलीज पर खड़ी है। 3 अगस्त को मतगणना के साथ यह साफ हो जाएगा कि राजधानी की इस हाई-प्रोफाइल सीट पर परंपरा कायम रहेगी या सियासी इंकलाब होगा। इस बीच सामने आए अलग-अलग एग्जिट पोल ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। अधिकांश सर्वे जन सुराज के संयोजक प्रशांत किशोर को बढ़त दिखा रहे हैं, जबकि भाजपा को कड़ी चुनौती मिलती नजर आ रही है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि एग्जिट पोल केवल अनुमान हैं, अंतिम फैसला मतगणना के आधिकारिक नतीजे ही करेंगे।

करीब 3.79 लाख मतदाताओं वाली इस सीट पर सिर्फ 34.31 प्रतिशत मतदान हुआ। कम वोटिंग प्रतिशत ने सभी दलों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। पहली बार चुनावी मैदान में उतरे प्रशांत किशोर ने बदलाव और स्थानीय मुद्दों को चुनाव का केंद्र बनाया, जबकि भाजपा ने इस सीट को अपनी साख और प्रतिष्ठा से जोड़ दिया। दूसरी ओर, राजद की रेखा कुमारी गुप्ता, जो पिछली बार दूसरे स्थान पर रही थीं, एग्जिट पोल में कमजोर स्थिति में दिखाई गई हैं।

डीवी रिसर्च ने भी जन सुराज को बढ़त दी है। इस सर्वे में प्रशांत किशोर को 43 प्रतिशत, भाजपा को 39 प्रतिशत और राजद को 15 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना जताई गई है। यहां मुकाबला अपेक्षाकृत करीबी बताया गया है, लेकिन बढ़त जन सुराज के पक्ष में दिखाई गई है।

वहीं रूद्र रिसर्च के सर्वे में प्रशांत किशोर को 50 प्रतिशत, भाजपा को 36 प्रतिशत, राजद को 10 प्रतिशत और अन्य उम्मीदवारों को 4 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है। इसी तरह पोल पंडित ने जन सुराज को 50 से 54 प्रतिशत, भाजपा को 38 से 42 प्रतिशत और राजद को केवल 5 प्रतिशत वोट मिलने का दावा किया है।

जनमत पोल्स के मुताबिक प्रशांत किशोर को 49 से 52 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है, जबकि भाजपा के नीरज कुमार सिन्हा को 34 से 36 प्रतिशत वोट शेयर मिलने की संभावना जताई गई है। राजद को महज 9 से 10 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है।

अगर ये अनुमान सही साबित होते हैं तो बांकीपुर, जिसे लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है, वहां बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिल सकता है। वहीं यदि भाजपा अपनी सीट बचाने में कामयाब रहती है, तो यह भी उसके लिए बड़ी राजनीतिक जीत होगी।

अब सबकी निगाहें 3 अगस्त की मतगणना पर टिकी हैं। एग्जिट पोल चाहे जो तस्वीर पेश करें, लोकतंत्र में अंतिम फैसला ईवीएम से निकलने वाले आधिकारिक नतीजे ही करेंगे। यही तय करेगा कि बांकीपुर में बदलाव की आंधी चली या परंपरा ने एक बार फिर बाजी मार ली।