Bihar Fake Marriage: होटल में 2 महीने छिपी रही दुल्हन, खुली फर्जी दरोगा की पोल, पटना हाईकोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला
Bihar Fake Marriage:शादी के नाम पर धोखाधड़ी का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों की बुनियाद और ऑनलाइन मैट्रिमोनी प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।...
Bihar Fake Marriage: खुद को बिहार पुलिस का सब-इंस्पेक्टर बताकर शादी का रिश्ता जोड़ने, पहले से शादीशुदा होने की बात छिपाने और लाखों रुपये ऐंठने के इस मामले में पटना हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। पटना हाईकोर्ट ने भी जीवनसाथी के खेल पर बडी हैरानी जताई। ये मामला फ्रॉड दारोगा, नकली वर्दी और शादी का जाल बुनने का हैं जो बिहार के सहरसा से सनसनीखेज मामला सामने आया है।ये मामला.शादी डॉट कॉम जैसे मैट्रिमोनी प्लेटफॉर्म पर खुद को बिहार पुलिस का सब-इंस्पेक्टर बताकर एक शख्स ने ऐसी ठगी की कि लड़की वालों के होश उड़ गए।
इस मामलें में पटना हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी के परिवार वालों को बड़ी राहत दी है।आरोपी अमित कुमार राय ने 'जीवांसथी डॉट कॉम' पर खुद को कुंवारा और बिहार पुलिस में सब-इंस्पेक्टर बताकर मौसम राज (शिकायतकर्ता) को अपने जाल में फंसाया।दोनों ने 22 जून, 2022 को समस्तीपुर के विद्यापति धाम मंदिर में शादी रचाई।
शादी के नाम पर शगुन, होटल बुकिंग और ज्वैलरी के बहाने कुल 36,56,251 रुपये और कीमती सामान ऐंठ लिए गए।शादी के बाद अमित अपनी नई नवेली दुल्हन को घर ले जाने के बजाय पटना के एक होटल में दो महीने तक छिपाकर रखता रहा। उसने बहाना बनाया कि घर में उसकी चाची की मौत हो गई है।असली ड्रामा तब शुरू हुआ, जब दिसंबर 2022 में अमित के माता-पिता और उसकी पहली पत्नी होटल पहुंचे। उन्होंने पोल खोल दी कि अमित पहले से शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी हैं, साथ ही वह कोई दरोगा-वरोगा नहीं है।
इस मामले में निचली अदालत ने ससुर इंद्रजीत राय (जो खुद झारखंड में ASI हैं), सास और पहली पत्नी के खिलाफ भी केस दर्ज कर लिया था और डिस्चार्ज अर्जी खारिज कर दी थी। लेकिन पटना हाईकोर्ट की जस्टिस सोनी श्रीवास्तव ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपियों के परिवार वालों को बड़ी राहत दी है।
हाईकोर्ट ने साफ कहा कि मुख्य आरोपी अमित कुमार राय ने फर्जीवाड़ा किया है। सिर्फ रिश्तेदार होने या शादी में मौजूद रहने से परिवार वालों पर धारा 494 या 495 (शादी के दौरान दूसरी शादी छिपाना) का मामला नहीं बनता। ससुर (इंद्रजीत राय) के वकील ने कोर्ट में झारखंड पुलिस का अटेंडेंस रजिस्टर पेश किया, जिससे साबित हुआ कि शादी के दिन (22 जून ,2022) वे झारखंड में अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। कोर्ट ने माना कि मुख्य आरोपी अमित से खुन्नस निकालने और झारखंड में सरकारी नौकरी कर रहे उसके पिता को फंसाने के लिए परिवार वालों को इस मामलें में जबरन घसीटा गया है।
पटना हाईकोर्ट ने निचली अदालत के उस आदेश को पूरी तरह खारिज और रद्द कर दिया है, जिसमें परिवार वालों पर संज्ञान लिया गया था और उनकी डिस्चार्ज याचिका ठुकरा दी गई थी। कोर्ट ने माना कि परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई करना कानून का दुरुपयोग है।