Budget Session 2026: लाल बैग लेकर बिहार विधानसभा पहुंचे वित्त मंत्री विजेंद्र यादव, तेजस्वी भी पहुंचे सदन, अब पेश होगा बजट

Budget Session 2026: वित्त मंत्री विजेंद्र यादव लाल बैग लेकर बिहार विधानसभा पहुंच गए हैं। तेजस्वी यादव भी सदन में मौजूद हैं। सदन में आज बजट पेश होगा।

लाल बैग लेकर सदन पहुंचे वित्त मंत्री - फोटो : News4nation

Budget Session 2026: बिहार विधानसभा में बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री विजेंद्र यादव लाल रंग का बजट बैग लेकर सदन पहुंचे। इस मौके पर एनडीए के सभी नेताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। बजट को लेकर सत्ता पक्ष में उत्साह का माहौल दिखा। वहीं नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी सदन पहुंचे हैं। तेजस्वी सुबह सदन की कार्यवाही में मौजूद नहीं थे। हालांकि बजट पेश होने के समय तेजस्वी सदन में मौजूद रहेंगे। 

सदन की कार्यवाही शुरु

बिहार विधानसभा की कार्यवाही शुरू हो गई है। विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया है। कार्यवाबी शुरु होने के बाद अब बजट भाषण शुरू हो चुका हैं। बिजेंद्र यादव बिहार विधानसभा में बजट भाषण पढ़ रहे हैं।

इतने लाख करोड़  का बजट होगा पेश 

जानकारी अनुसार इस बार बजट का आकार पिछले वर्ष के 3 लाख 17 हजार करोड़ रुपये की तुलना में करीब 10 फीसदी बढ़ने की संभावना है। अनुमान है कि 2026-27 का बजट 3 लाख 48 हजार से 3 लाख 50 हजार करोड़ रुपये के बीच रह सकता है। पिछला बजट 2025-26 चुनावी वर्ष का था, जिसमें कुल 52 बड़ी लोकलुभावन घोषणाएं की गई थीं। 

बड़े घोषणाओं की उम्मीद नहीं 

इस बार सरकार का रुख अलग है। 2026-27 के बजट में नई घोषणाओं से परहेज करते हुए पिछली घोषणाओं को पूरा करने पर ज्यादा जोर रहने की संभावना है। संसाधनों के नए स्रोतों की कमी भी इसकी बड़ी वजह मानी जा रही है। हालांकि, पुराने वादों को पूरा करने के लिए सरकार को इस बार भी अनुपूरक बजट के जरिए अतिरिक्त राशि की व्यवस्था करनी पड़ सकती है। इस बार सरकार का फोकस सात निश्चय-3 के तहत की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन पर रहेगा। अगले पांच वर्षों में प्रति व्यक्ति आय दोगुनी करने का लक्ष्य भी इसी योजना का हिस्सा है, जिसके लिए बजट में अमल की रूपरेखा तय किए जाने के संकेत हैं।

वेतन पर होगा बजट का बड़ा खर्च

2026-27 के बजट का बड़ा हिस्सा वेतन मद में खर्च होने की संभावना है। पिछले एक साल में करीब एक लाख नई नियुक्तियां हुई हैं, जिनके वेतन के लिए बजट में प्रावधान करना जरूरी होगा। सरकार का दावा है कि हाल के वर्षों में पांच लाख से अधिक नियुक्तियां की गई हैं, जिससे हर साल प्रतिबद्ध खर्च लगातार बढ़ रहा है। इसका असर विकास योजनाओं के लिए उपलब्ध राशि पर पड़ रहा है।

सबसे अहम हिस्सा मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना 

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना भी बजट का अहम हिस्सा रहेगी। इस योजना के तहत चयनित महिलाओं को दो लाख रुपये दिए जाने हैं। चुनाव के दौरान 10 हजार रुपये पहले ही खातों में डाले जा चुके हैं, जबकि शेष राशि का कुछ हिस्सा आगामी बजट में दिए जाने की संभावना है।

तीन नए विभागों पर बढ़ेगा खर्च

हाल ही में गठित तीन नए विभाग उच्च शिक्षा, युवा रोजगार एवं कौशल विकास और नागरिक उड्डयन पर बजट में अतिरिक्त प्रावधान किए जा सकते हैं। सरकार की प्राथमिकताओं को देखते हुए शिक्षा से जुड़े दोनों विभागों को मिलाकर 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक की बढ़ोतरी संभव मानी जा रही है।