नई UGC व्यवस्था पर आपत्ति, पूर्व वैज्ञानिक ने की व्यापक समीक्षा की मांग, पीएम मोदी और मोहन भागवत को लिखा पत्र
UGC : UGC से जुड़े प्रस्तावित नियमों और शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक पूर्व वैज्ञानिक द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित एक खुला पत्र लिखा गया है। पत्र में वर्तमान नीतियों पर गंभीर आपत्तियाँ जताते हुए शिक्षा प्रणाली, आरक्षण व्यवस्था और सामाजिक प्रभावों से जुड़े कई सवाल उठाए गए हैं।
पत्र लिखने वाले एस.के. सिंह, जिन्होंने स्वयं को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) का पूर्व वैज्ञानिक बताया है, ने आरोप लगाया है कि वर्तमान UGC से जुड़े प्रावधानों से देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि इससे विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता और गुणवत्ता प्रभावित होगी।
पत्र में यह भी कहा गया है कि नई नीतियों और विनियमों से समाज में विभाजन की स्थिति उत्पन्न होने का खतरा है तथा सरकार को इस विषय पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। लेखक ने आरक्षण, शिक्षा नीति, मेडिकल शिक्षा और नियामक ढांचे को लेकर भी सवाल उठाए हैं और इन पर व्यापक सार्वजनिक चर्चा की आवश्यकता बताई है।
सिंह ने अपने पत्र में सरकार से आग्रह किया है कि वह इन मुद्दों पर पारदर्शिता बनाए और यदि आवश्यक हो तो विस्तृत समीक्षा कराए। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार ऐसे तरीके से किए जाएँ जिससे सभी वर्गों को समान अवसर मिलें और सामाजिक संतुलन बना रहे।
हालांकि, इस पत्र में लगाए गए आरोपों और आशंकाओं पर सरकार या संबंधित संस्थाओं की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि नई शिक्षा नीतियों और नियामक बदलावों पर विभिन्न पक्षों के बीच संवाद आवश्यक है ताकि सुधार और सामाजिक विश्वास दोनों साथ-साथ आगे बढ़ सकें।