मोकामा के हाथीदह में NH-80 पर कई फीट चढ़ा गंगा का पानी: हजारों वाहन फंसे, पटना से पूर्वी बिहार का संपर्क प्रभावित, मंत्री विजय सिन्हा का बड़ा वादा

बिहार में गंगा अपने पूरे उफान पर है। गंगा नदी के विकराल होते जलस्तर के कारण मोकामा के हाथीदह में NH-80 पर भीषण जलभराव हो गया है। पिछले 24 घंटों से पटना से लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर, जमुई, बांका और शेखपुरा जाने वाला पूरा यातायात ठप पड़ गया है

मोकामा के हाथीदह में NH-80 पर कई फीट चढ़ा गंगा का पानी- फोटो : प्रिय दर्शन

Patna : गंगा नदी के विकराल होते जलस्तर के कारण मोकामा के हाथीदह में राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-80) पर भीषण जलभराव हो गया है। सड़क के लगभग आधा किलोमीटर लंबे हिस्से पर तीन से चार फीट तक पानी तेजी से बह रहा है। इसके चलते पिछले 24 घंटों से पटना से लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर, जमुई, बांका और शेखपुरा जाने वाला पूरा यातायात ठप पड़ गया है तथा हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं।


कृषि मंत्री विजय सिन्हा का काफिला फंसा, एलिवेटेड सड़क का ऐलान 

मंगलवार को इस मार्ग से गुजर रहे बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा का काफिला भी जलभराव के बीच फंस गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मंत्री ने मौके पर ही घोषणा की कि बाटा मोड़ से मरांची तक गंगा किनारे एलिवेटेड सड़क का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि पथ निर्माण विभाग के माध्यम से इस परियोजना को जल्द स्वीकृत कराकर आवश्यक पहल की जाएगी।


रेल सेतु और जल निकासी की व्यवस्था न होना बनी मुख्य वजह 

स्थानीय निवासियों के अनुसार, गंगा नदी पर बने नए रेल सेतु के कारण NH-80 का यह हिस्सा हाथीदह स्टेशन के समीप काफी नीचा हो गया है। स्थायी जल निकासी (ड्रेनेज) की व्यवस्था न होने की वजह से गंगा का जलस्तर बढ़ते ही नदी का पानी सीधे सड़क पर चढ़ जाता है, जिससे हर साल इस पूरे इलाके का आवागमन ठप हो जाता है।


सैकड़ों वाहन खराब, NHAI और प्रशासन के खिलाफ फूटा रोष 

सड़क पर जमा पानी के बीच से गुजरने की कोशिश में दर्जनों छोटे-बड़े वाहनों के इंजन में पानी घुस गया, जिससे वे बीच रास्ते में ही बंद हो गए। वाहन चालकों और स्थानीय लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) तथा जिला प्रशासन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि चेतावनी के बावजूद जल निकासी या ट्रैफिक डायवर्जन के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए।


यात्रियों की फजीहत बरकरार, राहत का इंतजार 

सड़क संपर्क पूरी तरह टूट जाने से हजारों यात्री भीषण संकट का सामना कर रहे हैं। लंबे रूट की बसें और आपातकालीन वाहन भी पानी के बीच फंसे हुए हैं। जब तक गंगा का जलस्तर नीचे नहीं गिरता या प्रशासन द्वारा पंप लगाकर पानी नहीं निकाला जाता, तब तक पटना और पूर्वी बिहार के बीच आवाजाही करने वाले लोगों को भारी फजीहत झेलनी पड़ेगी।


प्रिय दर्शन की रिपोर्ट