निगरानी विभाग की ट्रिपल स्ट्राइक: जहानाबाद, शेखपुरा और पटना में रिश्वत लेते तीन सरकारी कर्मी गिरफ्तार

निगरानी विभाग की ट्रिपल स्ट्राइक: जहानाबाद, शेखपुरा और पटना
निगरानी विभाग की बड़ी कार्रवाई- फोटो : रंजीत कुमार

Patna : भ्रष्टाचार के विरोध निगरानी द्वारा चलाए जा रहे अभियान में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। मंगलवार को निगरानी की टीम ने तीन अलग-अलग जिलों से तीन भ्रष्ट सरकारी कर्मचारी को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।  निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने जहानाबाद के सदर प्रखंड में पदस्थापित मनरेगा के कनीय अभियंता (JE) अमन कुमार को 20,000 रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। मखदुमपुर थाना क्षेत्र के परिवादी अशोक कुमार ने ग्राम पंचायत जामुक में 6,77,790 की तीन मनरेगा योजनाओं की मापी पुस्तक सत्यापन के बदले 3% रिश्वत (20,000) मांगे जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। सत्यापन में आरोप सही पाए जाने पर डीएसपी आसिफ इकबाल मेहदी के नेतृत्व में धावादल ने अंबेडकर चौक स्थित एक ढाबे से आरोपी जेई को दबोच लिया।


शेखपुरा DTO कार्यालय में लिपिक 15,000 लेते रंगे हाथ अरेस्ट 

दूसरी सफलता में निगरानी की टीम ने जिला परिवहन कार्यालय (DTO), शेखपुरा के निम्नवर्गीय लिपिक (LDC) कुणाल कुमार को 15,000 घूस लेते गिरफ्तार किया। अरियारी थाना क्षेत्र के राजू प्रसाद ने अपने कृषि ट्रैक्टर (UP 30 AC 4378) का बिहार रजिस्ट्रेशन नंबर आवंटित कराने के नाम पर रिश्वत मांगे जाने की शिकायत की थी। डीएसपी राजेन्द्र प्रसाद की अगुवाई में गठित टीम ने छापेमारी कर आरोपी लिपिक को DTO कार्यालय स्थित वरीय लिपिक कक्ष से रिश्वत की रकम के साथ पकड़ लिया।


पटना में जब्त वाहन छोड़ने के एवज में ₹0,000 घूस लेते दरोगा गिरफ्तार 

वहीं तीसरी कार्रवाई राजधानी पटना के जे०पी० गंगा पथ पर हुई, जहां निगरानी टीम ने यातायात थाना (गांधी मैदान) के पुलिस अवर निरीक्षक (SI) उपेन्द्र साह को 10,000 रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। कैमूर जिले के परिवादी जमील अंसारी ने अपनी जब्त गाड़ी को मुक्त कराने के एवज में रिश्वत मांगे जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। डीएसपी श्रीराम चौधरी के नेतृत्व में धावादल ने दीघा स्थित यातायात थाना के सिरिस्ता कक्ष से दरोगा को गिरफ्तार किया।


विशेष निगरानी अदालत में होगी पेशी, कानूनी शिकंजा कसा 

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, तीनों अलग-अलग मामलों में शिकायतकर्ताओं के आवेदनों का गुप्त सत्यापन कराया गया था, जिसमें रिश्वत मांगे जाने के पुख्ता प्रमाण मिले थे। मामले की पुष्टि के बाद प्राथमिकी दर्ज कर त्वरित कार्रवाई की गई। गिरफ्तार तीनों आरोपियों से पूछताछ के बाद उन्हें पटना एवं भागलपुर स्थित विशेष निगरानी अदालत में प्रस्तुत किया जाएगा।


रंजीत की रिपोर्ट