पटना में 'कृष्णोत्सव 2026' की भव्य शुरुआत: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे तीन दिवसीय महोत्सव का उद्घाटन

राजधानी पटना में भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, संस्कृति और लोक परंपराओं को समर्पित तीन दिवसीय ‘कृष्णोत्सव 2026’ का भव्य आयोजन 2 से 4 सितंबर 2026 तक मिलर ग्राउंड, वीरचंद पटेल पथ में होने जा रहा है....

पटना में 'कृष्णोत्सव 2026' की भव्य शुरुआत- फोटो : रोहित

Patna : राजधानी पटना में भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, संस्कृति और लोक परंपराओं को समर्पित तीन दिवसीय ‘कृष्णोत्सव 2026’ का भव्य आयोजन 2 से 4 सितंबर 2026 तक मिलर ग्राउंड, वीरचंद पटेल पथ में होने जा रहा है। 'Youth Alliance for Social Harmony & Environment' द्वारा आयोजित इस सांस्कृतिक महाकुंभ की तैयारियां जोरों पर हैं। आयोजन को लेकर शहर के श्रद्धालुओं और कला-संस्कृति प्रेमियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।


मुख्यमंत्री करेंगे औपचारिक उद्घाटन, कई दिग्गज होंगे शामिल

कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन 2 सितंबर (बुधवार) की शाम 6 बजे बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे, जबकि स्वास्थ्य मंत्री निशांत विशिष्ट अतिथि के तौर पर शिरकत करेंगे। साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री व राज्य सभा सांसद नीतीश कुमार, केन्द्रीय मंत्री ललन सिंह, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी जैसे दिग्गज नेताओं और गणमान्य अतिथियों की मौजूदगी से इस आयोजन की गरिमा और अधिक बढ़ेगी।


भक्ति संगीत और श्रीकृष्ण लीला बनेगी मुख्य आकर्षण

इस तीन दिवसीय महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का प्रबंध किया गया है। मंच पर देश के प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा भक्ति जागरण और भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही भगवान श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंगों, उनके सिद्धांतों और लीलाओं पर आधारित 'श्रीकृष्ण लीला' का भव्य मंचन दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहेगा।


दही-हांडी उत्सव में दिखेगा जन्माष्टमी का उत्साह

महोत्सव का सबसे रोमांचक और प्रमुख आकर्षण पारंपरिक 'दही-हांडी उत्सव' होगा। कृष्ण जन्माष्टमी की समृद्ध परंपरा को जीवंत करने वाले इस आयोजन में युवाओं और श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक होगा। आयोजकों ने दही-हांडी प्रतियोगिता और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के लिए सुरक्षा तथा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हैं।


सामाजिक समरसता और सनातन संस्कृति का प्रसार

आयोजकों के अनुसार, इस कृष्णोत्सव का मुख्य उद्देश्य केवल सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देना नहीं है, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण के प्रेम, करुणा, धर्म और सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है। संस्था ने पटना एवं आसपास के सभी निवासियों से इस तीन दिवसीय आयोजन में सपरिवार शामिल होकर भक्ति और संस्कृति का आनंद लेने की अपील की है।


रोहित की रिपोर्ट