Bihar vande Bharat train:हावड़ा–कामाख्या के बीच दौड़ेगी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, पीएम मोदी दिखाएंगे हरी झंडी, पूर्वी भारत को विकास की मिलेगी रफ्तार
Bihar vande Bharat train: रेल कनेक्टिविटी के मोर्चे पर केंद्र की मोदी सरकार एक बार फिर बड़ा सियासी और विकासात्मक दांव खेलने जा रही है। ...
Bihar vande Bharat train: रेल कनेक्टिविटी के मोर्चे पर केंद्र की मोदी सरकार एक बार फिर बड़ा सियासी और विकासात्मक दांव खेलने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 और 18 जनवरी 2026 को पश्चिम बंगाल और असम के दौरे पर रहेंगे, जहां वे गुवाहाटी (कामाख्या) से हावड़ा के बीच देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। इसे न सिर्फ रेल इतिहास का अहम पड़ाव माना जा रहा है, बल्कि पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत को साधने की राजनीतिक रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री 17 जनवरी को दोपहर करीब 12:45 बजे मालदा पहुंचेंगे। मालदा टाउन रेलवे स्टेशन से हावड़ा–गुवाहाटी (कामाख्या) वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का शुभारंभ होगा। यह अत्याधुनिक वातानुकूलित ट्रेन लंबी दूरी की यात्रा को तेज, सुरक्षित और आरामदेह बनाएगी। यात्रा समय में करीब ढाई घंटे की कटौती होगी, जिससे धार्मिक आस्था, पर्यटन और व्यापार तीनों को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।
इसके बाद प्रधानमंत्री मालदा की जनसभा से सियासी मंच साझा करेंगे, जहां वे 3,250 करोड़ रुपये से अधिक की रेल और सड़क अवसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। संदेश साफ है—विकास के सहारे जनविश्वास और सियासी बढ़त। इन परियोजनाओं का मकसद पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों को मुख्यधारा की कनेक्टिविटी से मजबूती से जोड़ना है।
प्रधानमंत्री बालुरघाट–हिली नई रेल लाइन, न्यू जलपाईगुड़ी में आधुनिक माल ढुलाई रखरखाव सुविधा, सिलीगुड़ी लोको शेड के उन्नयन और जलपाईगुड़ी जिले में वंदे भारत ट्रेन के रखरखाव केंद्र की आधारशिला रखेंगे। साथ ही न्यू कुचबिहार–बामनहाट और न्यू कुचबिहार–बक्सिरहाट रेलखंड के विद्युतीकरण को राष्ट्र को समर्पित करेंगे।
मोदी वर्चुअली चार नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाएंगे, जिससे देश के उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक कनेक्टिविटी का दायरा बढ़ेगा। 18 जनवरी को गुवाहाटी–रोहतक और डिब्रूगढ़–लखनऊ अमृत भारत एक्सप्रेस का शुभारंभ होगा, वहीं सिंगूर में 830 करोड़ की परियोजनाओं का ऐलान किया जाएगा।
कुल मिलाकर, रेल की पटरियों पर दौड़ती ये योजनाएं सिर्फ ट्रेनों की रफ्तार नहीं बढ़ा रहीं, बल्कि मोदी सरकार की विकास-केंद्रित राजनीति को भी मजबूती से आगे बढ़ा रही हैं।