तो टोल देना पड़ेगा दोगुना टोल टैक्स, बिहार में अगर की ये गलती तो बुरे फंसेंगे, नई टोल नीति लागू, जानिए 72 घंटे और 15 दिन वाला नियम
नई नीति के तहत टोल टैक्स का भुगतान नहीं करने वाले वाहन मालिक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ई-नोटिस भेजा जाएगा। नोटिस मिलने के बाद 72 घंटे के भीतर टोल टैक्स का भुगतान करने पर केवल मूल राशि देनी होगी और अतिरिक्त जुर्माना नहीं लगेगा।
बिहार में अब टोल टैक्स से बचने की कोशिश वाहन मालिकों पर भारी पड़ सकती है। राज्य सरकार ने नई टोल टैक्स नीति लागू कर दी है, जिसके तहत यदि कोई वाहन चालक टोल प्लाजा पर टैक्स चुकाए बिना निकल जाता है या भुगतान करने से इनकार करता है, तो उसे दोगुना टोल टैक्स देना होगा। पथ निर्माण विभाग ने नई व्यवस्था की अधिसूचना जारी कर सभी संबंधित एजेंसियों को इसे सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है।
72 घंटे बीते तो बढ़ेगी परेशानी
नई नीति के तहत टोल टैक्स का भुगतान नहीं करने वाले वाहन मालिक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ई-नोटिस भेजा जाएगा। नोटिस मिलने के बाद 72 घंटे के भीतर टोल टैक्स का भुगतान करने पर केवल मूल राशि देनी होगी और अतिरिक्त जुर्माना नहीं लगेगा। यदि वाहन मालिक निर्धारित 72 घंटे के भीतर भुगतान नहीं करता है, तो उस पर दोगुना टोल शुल्क लागू हो जाएगा। वहीं, यदि 15 दिनों तक भी भुगतान नहीं किया गया, तो संबंधित वाहन को राज्य में कहीं भी रोककर बकाया राशि और जुर्माना वसूला जा सकता है।
नहीं चुकाया जुर्माना तो
नई व्यवस्था के तहत लगातार भुगतान नहीं करने वाले वाहन मालिकों के लिए और भी सख्त प्रावधान किए गए हैं। यदि जुर्माना वसूल नहीं हो पाता है, तो वाहन से जुड़े कई जरूरी कार्य रोक दिए जाएंगे। ऐसे में वाहन का इंश्योरेंस नवीनीकरण, स्वामित्व हस्तांतरण (ट्रांसफर), प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUC) और एनओसी (NOC) जैसी सेवाएं तब तक नहीं मिलेंगी, जब तक बकाया राशि जमा नहीं कर दी जाती।
वाहन मालिकों को राहत भी
सरकार ने नई व्यवस्था में वाहन मालिकों के लिए शिकायत का विकल्प भी रखा है। यदि किसी वाहन मालिक को लगता है कि उसके नाम जारी किया गया ई-नोटिस गलत है, तो वह 72 घंटे के भीतर बिहार सरकार के निर्धारित पोर्टल पर ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करा सकता है। विभाग को इस आपत्ति पर 5 दिनों के भीतर जांच कर निर्णय देना होगा। निर्णय की सूचना वाहन मालिक को एसएमएस के माध्यम से भेजी जाएगी। यदि निर्धारित समय में कोई फैसला नहीं आता है, तो संबंधित टोल शुल्क स्वतः माफ माना जाएगा और इसकी जानकारी पोर्टल पर भी अपडेट कर दी जाएगी।
व्यावसायिक वाहनों पर लागू होगी नई व्यवस्था
नई टोल नीति के तहत राज्य सरकार पहले ही उन राज्य राजमार्गों (State Highways) और पुलों की सूची जारी कर चुकी है, जहां व्यावसायिक वाहनों से टोल टैक्स वसूला जाएगा। सरकार का कहना है कि इस नीति का उद्देश्य सड़क और पुलों के रखरखाव के लिए संसाधन जुटाना तथा टोल वसूली प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाना है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद वाहन मालिकों को सलाह दी गई है कि वे टोल भुगतान से संबंधित किसी भी ई-नोटिस को नजरअंदाज न करें, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही उन्हें दोगुना भुगतान और अन्य प्रशासनिक कार्रवाई का सामना करा सकती है।