Bihar Budget Session: शिक्षकों के अंतर जिला स्थानांतरण को लेकर विधान परिषद में हंगामा, सत्ता पक्ष के एमएलसी ने अपने ही मंत्री को घेरा
Bihar Budget Session: भाजपा एमएलसी नवल किशोर यादव ने सदन में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि एक से आठवीं तक के पुराने वेतनमान वाले स्नातक ग्रेड और प्रिंसिपल का स्थानांतरण मैट्रिक इंटीग्रेटेड शिक्षकों की तरह नहीं किया गया है।
Bihar Budget Session: बिहार विधानमंडल के बजट सत्र का आज आखिरी दिन है। बजट सत्र के आखिरी दिन विधानसभा और विधानपरिषद में जबरदस्त बवाल हो रहा है। सत्ता पक्ष के सदस्य अपने ही मंत्री को घेर रहे हैं। वहीं शुक्रवार को विधान परिषद में शिक्षकों के अंतर जिला स्थानांतरण को लेकर सवाल उठा। भाजपा एमएलसी नवल किशोर यादव ने सदन में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि एक से आठवीं तक के पुराने वेतनमान वाले स्नातक ग्रेड और प्रिंसिपल का स्थानांतरण मैट्रिक इंटीग्रेटेड शिक्षकों की तरह नहीं किया गया है।
शिक्षा मंत्री का जवाब
उन्होंने मांग की कि अंतर जिला स्थानांतरण का स्पष्ट और समान प्रावधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि सभी श्रेणी के शिक्षकों को समान अवसर मिल सके। शिक्षा मंत्री ने परिषद में जवाब देते हुए कहा कि सत्र समाप्त होने के बाद स्थानांतरण प्रक्रिया को तेज किया जाएगा और लंबित ट्रांसफर पूरे किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सभी को संतुष्ट करना संभव नहीं है, लेकिन प्राथमिकता के आधार पर ट्रांसफर किए जाएंगे।
मदरसा और संस्कृत विद्यालयों को राशि भुगतान का मुद्दा भी गरमाया
परिषद में संजय कुमार सिंह ने मदरसा और संस्कृत विद्यालयों को राशि भुगतान नहीं होने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने मदरसा के लिए 571 करोड़ रुपये और संस्कृत विद्यालयों के लिए 411 करोड़ रुपये आवंटित किए थे, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी कर्मियों को भुगतान नहीं किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार राशि जारी कर चुकी है तो भुगतान में देरी क्यों हो रही है।
वित्त विभाग से बात कर भुगतान का आश्वासन
इस पर शिक्षा मंत्री ने जवाब दिया कि मामले में वित्त विभाग से बात की गई है और जल्द ही भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वित्त विभाग से सभी राशि को मुक्त कराकर संबंधित संस्थानों तक पहुंचाया जाएगा। सदन में दोनों मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई और सरकार ने समयबद्ध कार्रवाई का आश्वासन दिया।
पटना से अभिजीत की रिपोर्ट