Bihar News: सीडीपीओ ऑफिस पर लटका ताला, प्रभार सौंपे जाने के बाद भी ठप कामकाज, योजनाएं अटकीं

Bihar News: सीडीपीओ कार्यालय बंद रहने से आंगनबाड़ी सेविकाओं, सहायिकाओं और सरकारी योजनाओं के लाभुकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।...

CDPO office is locked work stalled even after the charge has
सीडीपीओ ऑफिस पर लटका ताला- फोटो : reporter

Bihar News: भागलपुर जिले के गोपालपुर प्रखंड में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी कार्यालय पर ताला लटका मिलने से प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। दफ्तर बंद रहने से आंगनबाड़ी सेविकाओं, सहायिकाओं और सरकारी योजनाओं के लाभुकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि जरूरी फाइलें लंबित पड़ी हैं और योजनाओं का क्रियान्वयन ठहराव का शिकार हो गया है।

सूत्रों के मुताबिक हाल ही में सीडीपीओ का प्रभार प्रखंड विकास पदाधिकारी निशांत कुमार को सौंपा गया है। इसके बावजूद कार्यालय का नियमित संचालन शुरू नहीं हो पाया है। यह स्थिति स्थानीय स्तर पर असमंजस और नाराज़गी दोनों पैदा कर रही है। लोगों का सवाल है कि जब जिम्मेदारी तय कर दी गई है, तो फिर दफ्तर में ताला क्यों लटका है?

आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़े पोषण, मातृ-शिशु कल्याण और अन्य योजनाओं के लाभुक समय पर सुविधाएं नहीं मिलने की शिकायत कर रहे हैं। सेविकाओं और सहायिकाओं को मानदेय, कागजी कार्रवाई और रिपोर्टिंग से जुड़े कार्यों के लिए दफ्तर का चक्कर लगाना पड़ रहा है, लेकिन बंद कार्यालय उनकी परेशानी बढ़ा रहा है।

इस मामले में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी से संपर्क करने की कोशिश की गई। फोन पर बात होने पर उन्होंने बैठक में व्यस्त होने की बात कहकर विस्तृत जानकारी देने से परहेज किया। प्रशासन की ओर से स्पष्ट बयान न आने से स्थिति और धुंधली हो गई है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सामाजिक सुरक्षा और पोषण से जुड़ी योजनाएं संवेदनशील होती हैं, ऐसे में कार्यालय का बंद रहना गंभीर मामला है। अब निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि वह कब तक इस मसले पर स्थिति स्पष्ट करता है और दफ्तर का सुचारू संचालन बहाल कराया जाता है।गोपालपुर में ताला सिर्फ एक दफ्तर पर नहीं, बल्कि सवालों पर भी लटका हुआ है आखिर जिम्मेदारी किसकी और जवाबदेही कब तय होगी?

रिपोर्ट- बालमुकुंद शर्मा