Land for Jobs case: लालू परिवार की बढ़ीं मुश्किलें,लैंड फॉर जॉब केस में सुनवाई आज,लालू परिवार समेत 41 लोगों पर आरोप तय
Land for Jobs case:दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट आज उस केस की सुनवाई करने जा रही है, जिसे अदालत खुद “संगठित आपराधिक साज़िश” करार दे चुकी है।
Land for Jobs case:दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट आज उस केस की सुनवाई करने जा रही है, जिसे अदालत खुद “संगठित आपराधिक साज़िश” करार दे चुकी है। ‘लैंड फॉर जॉब’ केस में लालू प्रसाद यादव और उनका कुनबा एक बार फिर कानून के कटघरे में खड़ा होगा। सुनवाई के दौरान लालू परिवार के कई सदस्य अदालत में हाज़िर हो सकते हैं। मामला सीबीआई द्वारा दर्ज किया गया है और अब यह शुरुआती शक से निकलकर बाकायदा मुकदमे की राह पर बढ़ चुका है।
9 जनवरी को कोर्ट ने लालू परिवार समेत कुल 41 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए थे। यानी अब यह केस सिर्फ फाइलों की धूल नहीं, बल्कि गवाही, सबूत और जिरह की जंग बनेगा। हालांकि, इसी केस में 52 लोगों को कोर्ट ने बरी भी किया, लेकिन लालू परिवार पर शिकंजा ढीला नहीं पड़ा।
पिछली सुनवाई में स्पेशल जज विशाल गोग्ने की टिप्पणी ने सियासी गलियारों में खलबली मचा दी थी। जज ने साफ कहा था कि लालू यादव और उनका परिवार “एक आपराधिक गिरोह की तरह” काम कर रहा था। अदालत के मुताबिक, सरकारी नौकरी को सौदेबाज़ी का हथियार बनाया गया और उसके बदले ज़मीन-जायदाद बटोरी गई। यानी नौकरी इधर, रजिस्ट्री उधर पूरा खेल एक सुनियोजित साज़िश का हिस्सा था।
कोर्ट ने सीबीआई की चार्जशीट और दस्तावेज़ों पर गौर करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया गंभीर आरोप बनते हैं, जिनकी गहराई से ट्रायल में जांच होनी चाहिए। यह मामला सिर्फ अनियमित नियुक्तियों तक सीमित नहीं है। इसमें ज़मीन के ट्रांसफर, कीमतों की गड़बड़ी, परिवार और करीबियों के नाम संपत्तियां, और उनसे जुड़े कारोबारी लेन-देन भी शक के दायरे में हैं।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि आरोप तय होना दोष सिद्ध होना नहीं है। बचाव पक्ष को पूरा मौका मिलेगा कि वह सीबीआई के सबूतों को कटघरे में खड़ा करे। साथ ही, कोर्ट ने अभियोजन स्वीकृति से जुड़े मामलों में सीबीआई को रफ्तार बढ़ाने का आदेश दिया और अगली सुनवाई 29 जनवरी तय की।
अब आगे ट्रायल चलेगा जहां दलीलें होंगी, राज़ खुलेंगे और तय होगा कि यह मामला सिर्फ सियासी इल्ज़ाम है या वाकई नौकरी और ज़मीन के बीच कोई काली डील। कानून की अदालत में अब हर दांव, हर चाल, सबूत की कसौटी पर परखी जाएगी।