पटना में गेमिंग ऐप के जरिए बड़ी ठगी: पांच शातिर साइबर अपराधी गिरफ्तार

पटना में गेमिंग ऐप के जरिए बड़ी ठगी- फोटो : news 4 nation AI

राजधानी पटना की पुलिस ने गेमिंग एप्लीकेशन के माध्यम से लोगों को चूना लगाने वाले एक संगठित साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र के शिवपुरी इलाके में की गई इस छापेमारी में पुलिस ने पांच आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने एक फ्लैट पर दबिश दी, जिसे अपराधियों ने अपना 'ऑपरेशन सेंटर' बना रखा था। गिरफ्तार आरोपी लंबे समय से एक सुनियोजित तरीके से मासूम लोगों को अपना शिकार बना रहे थे और अब तक लाखों रुपये की ठगी कर चुके हैं।

आकर्षक ऑफर का लालच और ठगी का डिजिटल जाल

जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि यह गिरोह मोबाइल आधारित गेमिंग एप्स का सहारा लेकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था। अपराधी पहले पीड़ितों को लुभावने ऑफर्स और भारी इनाम का लालच देते थे। एक बार जब व्यक्ति इनके झांसे में आ जाता, तो उससे विभिन्न बहानों से पैसे जमा करवाए जाते थे। जैसे ही पीड़ित बड़ी राशि ट्रांसफर कर देता, आरोपी तुरंत संपर्क तोड़ लेते थे। इस डिजिटल जाल के जरिए गिरोह ने न केवल स्थानीय बल्कि अन्य राज्यों के लोगों को भी अपना निशाना बनाया है।

नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस, पांच अन्य सदस्य फरार

गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस की गहन पूछताछ जारी है, जिससे इस गिरोह के कार्य करने के तरीकों और उनके नेटवर्क के बारे में कई महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस गिरोह के तार अन्य राज्यों के साइबर अपराधियों से भी जुड़े हो सकते हैं। हालांकि, इस गिरोह के पांच अन्य सक्रिय सदस्य अभी भी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें विभिन्न संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे सिंडिकेट को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।

आम जनता से अपील: सतर्कता ही साइबर अपराध से बचाव

इस बड़ी सफलता के बाद पटना पुलिस ने आम नागरिकों के लिए चेतावनी जारी की है। पुलिस ने अपील की है कि लोग किसी भी अनजान मोबाइल गेमिंग ऐप या ऑनलाइन लुभावने ऑफर्स के झांसे में न आएं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या ठगी का शिकार होने पर तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर सेल को सूचित करें। अधिकारियों ने जोर देकर कहा है कि साइबर अपराध की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जनता की जागरूकता और सतर्कता सबसे प्रभावी हथियार है।