पटना हाई कोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन में मनाई गई सम्राट अशोक की 2331वीं जयंती; प्रतिमा स्थापना की उठी मांग

पटना हाई कोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन ने सम्राट अशोक की 2331वीं जयंती मनाई। अधिवक्ताओं ने गांधी मैदान या मैरिन ड्राइव पर सम्राट अशोक की आदमकद प्रतिमा लगाने की मांग सरकार से की है।

पटना हाई कोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन में मनाई गई सम्राट अशोक की

Patna - पटना हाई कोर्ट के एडवोकेट्स एसोसिएशन के मुख्य हॉल में सम्राट अशोक की 2331वीं जयंती का आयोजन एक गरिमामय समारोह के रूप में किया गया। इस विशेष अवसर पर एसोसिएशन के वरीय अधिवक्ता योगेश चन्द्र वर्मा ने अध्यक्षता की और अपने संबोधन में सम्राट अशोक के महान योगदान और उनके आदर्शों पर प्रकाश डाला।

उन्होंने जोर देकर कहा कि सम्राट अशोक न केवल एक पराक्रमी और प्रतापी सम्राट थे, बल्कि एक ऐसे दूरदर्शी शासक भी थे जिन्होंने शक्ति को सेवा में, विजय को करुणा में और साम्राज्य को जनकल्याण के साधन में बदल दिया। अशोक के शासनकाल में उन्होंने समाज के सभी वर्गों और संप्रदायों के प्रति सम्मान का भाव रखा और धार्मिक सहिष्णुता के सिद्धांत को बढ़ावा दिया।

समारोह में अन्य वक्ताओं ने भी सम्राट अशोक के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला और उनके आदर्शों को आज के समय में भी प्रासंगिक बताया।

कार्यक्रम के अंत में, सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया गया जिसमें राज्य सरकार से पटना के गांधी मैदान, मैरिन ड्राइव या किसी अन्य महत्वपूर्ण स्थान पर सम्राट अशोक की आदम कद प्रतिमा स्थापित करने की मांग की गई। यह प्रस्ताव सम्राट अशोक के प्रति सम्मान व्यक्त करने और उनके आदर्शों को भावी पीढ़ियों तक पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

सम्राट अशोक की जयंती के इस भव्य आयोजन ने समाज को उनके महान आदर्शों और शिक्षाओं को याद दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अशोक का संदेश कि "करुणा और अहिंसा ही सच्ची शक्ति है" आज भी दुनिया भर में प्रासंगिक है और हमें एक बेहतर और शांतिपूर्ण भविष्य की ओर अग्रसर करता है।