'जाति देखकर नहीं होती कार्रवाई- अब ऐसे चलती है पुलिस की गोली', तेजस्वी पर खूब भड़के मंगल पांडेय

Mangal Pandey- फोटो : news4nation

Bihar News :  बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री व भाजपा के वरिष्ठ नेता मंगल पांडेय ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा बिहार में अपराधियों के विरुद्ध हो रही कार्रवाई को ‘जाति देखकर कारवाई’ बताना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और तथ्यहीन है। यह बयान राजद की उस मानसिकता को दर्शाता है, जिसने 15 साल तक बिहार को ‘जंगलराज’ में धकेले रखा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार पुलिस ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर काम कर रही है। गोली अपराधी चलाता है, पुलिस जवाब देती है। पुलिस की गोली जाति-धर्म पूछकर नहीं चलती। रंगदारी, हत्या, लूट करने वाला किसी भी जाति का हो, कानून का डंडा सब पर बराबर चल रहा है। तेजस्वी जी अफवाह न फैलाएं।


पांडेय ने कहा कि जिस पार्टी के शासन में (राजद) अपहरण उद्योग बन गया था, व्यापारी पलायन कर गए थे। थानों से प्राथमिकी तक नहीं लिखी जाती थी, वो आज पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। 2005 से पहले ‘जाति’ देखकर पीड़ित तय होते थे। मदद नहीं मिलती थी। आज ‘डायल-112’ 15 मिनट में पहुंच रही है, वो भी बिना जाति पूछे। बिहार सरकार ने साफ किया है कि न किसी को फंसाया जाएगा, न किसी अपराधी को बख्शा जाएगा। व्यापारियों की सुरक्षा के लिए ‘व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ’, महिलाओं के लिए ‘सेफ सिटी प्रोजेक्ट’ और हर जिले में एसटीएफ का गठन हुआ है।


उनहोंने कहा कि 'तेजस्वी यादव जी, जाति की राजनीति छोड़िए। अपराधी का कोई धर्म-जाति नहीं होता। बिहार अब 1990 का दौर नहीं देखना चाहता। एनडीए सरकार ‘कानून का राज’ स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। जनता सब देख रही है और 2025 में जवाब भी दे चुकी है।' 


उन्होंने कहा कि राजद को आत्ममंथन करना चाहिए कि क्यों जनता ने उन्हें नकार दिया। बिहार अब ‘सुशासन’ के साथ है, ‘कुशासन’ के साथ नहीं।