भ्रष्टाचार से कोई समझौता नहीं, बिहार में किसानों की समृद्धि से आएगी असली पूंजी : विजय कुमार सिन्हा

Bihar News : बिहार के कृषि मंत्री विजय सिन्हा ने एलान किया है खेतों में कड़ी मेहनत करने वाले किसानों के पसीने की हर बूंद बिहार की असली पूंजी है। यदि कोई भी व्यक्ति किसानों के हक पर डाका डालने की कोशिश करेगा, तो उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

भ्रष्टाचार से  कोई समझौता नहीं, बिहार में किसानों की समृद्धि

Patna : बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राज्य में सुशासन, पारदर्शिता और किसानों की समृद्धि के संकल्प को एक बार फिर मजबूती से दोहराया है। उन्होंने स्पष्ट और कड़े शब्दों में कहा कि सूबे में भ्रष्टाचार, अपराध और बिचौलिया तंत्र के खिलाफ अब बड़े पैमाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि बिहार को अब भय, भ्रष्टाचार और अपराध की पुरानी राजनीति से बहुत आगे निकालना है तथा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की सरकार जनता के विश्वास से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अराजक तत्व से कोई समझौता नहीं करेगी।


'जीरो टॉलरेंसकी नीति पर चल रही है डबल इंजन की सरकारगरीबों की लूट का समय हुआ खत्म

कृषि मंत्री ने पूर्ववर्ती व्यवस्थाओं पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि बिहार की वर्तमान सरकार “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर पूरी ईमानदारी से कार्य कर रही है, जहां अपराध, भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और गरीबों के अधिकारों की लूट के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब अन्नदाताओं की मेहनत की कमाई बिचौलियों और भ्रष्ट तंत्र की भेंट चढ़ जाती थी, लेकिन आज हमारी डबल इंजन की सरकार ने व्यवस्था में व्यापक परिवर्तन लाकर गरीब, किसान, मजदूर और युवाओं के अधिकारों को पूरी तरह से सुरक्षित करने का काम किया है।


करोड़ से अधिक निबंधित किसानों का हक मारने वालों पर होगी सीधी और सख्त कानूनी कार्रवाई

राज्य की विशाल कृषि व्यवस्था का जिक्र करते हुए श्री सिन्हा ने बताया कि बिहार में लगभग 2 करोड़ 18 लाख से अधिक निबंधित किसान हैं और लगभग 4 करोड़ से अधिक जमाबंदी है। उन्होंने इसे एक बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि कृषि विभाग और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग मिलकर बिहारियों के हित में इसका मुकम्मल सामाधान निकालने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि खेतों में कड़ी मेहनत करने वाले किसानों के पसीने की हर बूंद बिहार की असली पूंजी है और यदि कोई भी प्रभावशाली व्यक्ति किसानों के हक पर डाका डालने की कोशिश करेगा, तो उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


रिश्वत मांगने वाले अधिकारियों को सीधे भेजा जाएगा जेल

कृषि मंत्री ने विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि खाद, बीज, कृषि यंत्र एवं कृषि इनपुट सब्सिडी से संबंधित सभी प्रक्रियाओं को अब बड़े पैमाने पर डिजिटल कर दिया गया है, ताकि बिचौलियों और भ्रष्ट तत्वों की भूमिका को जड़ से समाप्त किया जा सके। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी कि यदि किसी भी प्रखंड या जिला स्तर पर किसानों से अवैध वसूली अथवा रिश्वत मांगने की शिकायत मिली, तो दोषियों पर केवल विभागीय कार्रवाई नहीं होगी बल्कि सीधे जेल भेजने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।


गांव और किसानों की मजबूती से ही सच होगा 'विकसित बिहारका सपना

अपने संबोधन के आखिरी हिस्से में श्री सिन्हा ने कहा कि बिहार का किसान केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि हमारी पूरी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। जब तक हमारे गांव मजबूत नहीं होंगे, किसान समृद्ध नहीं होंगे और युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार नहीं मिलेगा, तब तक विकसित बिहार का सपना अधूरा रहेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मूल मंत्र को याद करते हुए कहा कि यह सरकार सत्ता को सेवा का माध्यम मानती है और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष करती रहेगी।


वंदना की रिपोर्ट