Bihar News : विपक्ष के प्रदर्शन पर मंत्री संतोष सुमन ने कसा तंज, कहा सत्ता परिवर्तन की मंशा या जनसेवा का संकल्प ? देश की जनता मांग रही है जवाब
Bihar News : हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार सुमन ने हालिया बयानों और राजनीतिक गतिविधियों को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला है......पढ़िए आगे
PATNA : हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (से.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बिहार सरकार के लघु जल संसाधन मंत्री डॉ संतोष कुमार सुमन ने कहा की प्रशांत भूषण के कथित बयान— “हाँ, हमारा लक्ष्य सत्ता परिवर्तन ही है”—और नेहा बोरा के बांग्लादेश के आंदोलन से प्रभावित होने संबंधी बयान ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आखिर भारत की राजनीति में बांग्लादेश के घटनाक्रम को प्रेरणा के रूप में पेश करने के पीछे सोच क्या है? क्या देश में जनसमस्याओं के समाधान के लिए आंदोलन हो रहे हैं या हर मुद्दे को सरकार विरोधी अभियान में बदलकर सत्ता परिवर्तन का दबाव बनाने की रणनीति अपनाई जा रही है? ध्रुव राठी जैसे लोग भी भाजपा को सत्ता से हटाने के उद्देश्य से अभियान चलाने की मंशा को स्वीकार कर चुके हैं।
उन्होंने कहा की ऐसे में सवाल सीधा है—क्या इन अभियानों का केंद्र जनता की समस्याएँ हैं या केवल भाजपा को सत्ता से हटाना? देश की जनता इन बयानों, दावों और राजनीतिक मंशाओं पर स्पष्ट जवाब चाहती है। संतोष कुमार सुमन ने कहा की पिछले 12 वर्षों में कभी असहिष्णुता, कभी अवॉर्ड वापसी, कभी CAA-NRC, कभी किसान आंदोलन, कभी अग्निपथ योजना, कभी पहलवानों का आंदोलन तो कभी चुनाव आयोग और मतदाता सूची को लेकर बड़े-बड़े अभियान चलाए गए। राहुल गांधी, तेजस्वी यादव और अखिलेश यादव जैसे विपक्षी नेताओं ने भी विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश की। लेकिन कई अभियानों को अपेक्षित जनसमर्थन नहीं मिला और व्यापक राजनीतिक लामबंदी के बावजूद सरकार विरोधी मुहिम अपने घोषित लक्ष्यों को हासिल नहीं कर सकी। सवाल उठता है कि आखिर हर बार नया मुद्दा उठाकर देशव्यापी माहौल बनाने की कोशिश क्यों होती है? क्या विपक्ष के पास जनता को सरकार का विकल्प देने का ठोस एजेंडा है, या उसकी राजनीति का केंद्र केवल सत्ता परिवर्तन बनकर रह गया है? जनता को नारों से अधिक नीतियाँ, आरोपों से अधिक प्रमाण और विरोध से अधिक समाधान चाहिए।
मंत्री ने कहा की राहुल गांधी, तेजस्वी यादव और अखिलेश यादव को स्पष्ट करना चाहिए कि उनकी राजनीति का वास्तविक लक्ष्य क्या है और देश की जनता के लिए उनके पास ठोस कार्ययोजना क्या है। देश में विदेशी प्रभाव अथवा देशविरोधी ताकतों से कथित गठजोड़ के आरोप अत्यंत गंभीर हैं; उनकी निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए और किसी भी निष्कर्ष का आधार ठोस प्रमाण होने चाहिए।
संतोष कुमार सुमन ने कहा की सत्ता परिवर्तन लोकतंत्र का अभिन्न हिस्सा है, लेकिन उसका रास्ता संवैधानिक संस्थाओं, चुनावी प्रक्रिया और जनता के विश्वास से होकर गुजरता है—किसी भी कीमत पर अराजकता से नहीं। भारत की जनता किसी राजनीतिक दल की सत्ता की महत्वाकांक्षा पूरी करने का साधन नहीं है। वह जागरूक है, सवाल पूछती है और समय आने पर अपने मताधिकार से जवाब देती है। देश को अस्थिरता की राजनीति नहीं, विकास, विश्वास और जवाबदेही की राजनीति चाहिए।