बिहार के वोटर लिस्ट में जोड़े जाएंगे 11 लाख से ज्यादा नाम ! चुनाव आयोग के SIR के खिलाफ 2 लाख से ज्यादा वोटरों की आपत्तियां
बिहार के मतदाता सूची में SIR के बाद 65 लाख वोटरों के नाम हटाये गए हैं, वहीं अब वोटर लिस्ट में 11 लाख से ज्यादा नए नामों को जोड़ने की तैयारी है.
Bihar News: बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी जोरों पर है। इसी क्रम में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत प्रारूप मतदाता सूची को लेकर मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। अब तक दो लाख 11 हजार 650 मतदाताओं ने सूची के विरुद्ध दावे और आपत्तियां दर्ज कराई हैं।
इस प्रक्रिया के तहत युवा मतदाताओं की भागीदारी भी उत्साहजनक रही है। अगस्त महीने में 18 वर्ष से अधिक आयु के कुल 11 लाख 36 हजार 565 युवाओं ने पहली बार मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 के माध्यम से आवेदन जमा किया है। यह दर्शाता है कि पहली बार वोट देने वाले युवा लोकतांत्रिक प्रक्रिया में रुचि ले रहे हैं। ऐसे में अगर इस अनुरूप वोटरों के नाम जोड़े गए तो इस बार 11 लाख से ज्यादा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची को जोड़े जाएंगे।
चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) के माध्यम से जमा किए गए फार्मों की रिपोर्ट भी जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में कुल 12 राजनीतिक दलों के एक लाख 60 हजार से अधिक बीएलए सक्रिय हैं। इन एजेंटों के माध्यम से मतदाता सूची में सुधार और नामांकन की प्रक्रिया को मजबूती मिल रही है।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि भाकपा माले (सीपीआईएमएल) के बीएलए की ओर से सर्वाधिक 108 मतदाताओं के दावे-आपत्तियां दर्ज की गई हैं। वहीं, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की ओर से शुक्रवार को नौ फॉर्म जमा कराए गए। चुनाव आयोग द्वारा जारी यह रिपोर्ट दर्शाती है कि मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए आयोग, राजनीतिक दलों और आम जनता के स्तर पर गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। इसके पहले विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान करीब 65 लाख वोटरों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं।