Patna Police: SSP के आदेश की अनदेखी पड़ी भारी, नौबतपुर थानेदार मंजीत ठाकुर निलंबित

एसएसपी के स्पष्ट आदेश के बावजूद प्राथमिकी दर्ज कर मामले में अग्रेतर कार्रवाई नहीं किए जाने को गंभीर अनुशासनहीनता और आदेश की अवहेलना मानते हुए नौबतपुर थानेदार मंजीत ठाकुर को निलंबित कर दिया गया है....

SSP के आदेश की अनदेखी पड़ी भारी- फोटो : reporter

Patna Police: पटना के  नौबतपुर थाना क्षेत्र में जमीन कब्जाने, मारपीट, जान से मारने की धमकी और रंगदारी मांगने के गंभीर आरोपों से जुड़ी शिकायत पर कार्रवाई नहीं करना थानाध्यक्ष मंजीत ठाकुर को भारी पड़ गया। एसएसपी  के स्पष्ट आदेश के बावजूद प्राथमिकी दर्ज कर मामले में अग्रेतर कार्रवाई नहीं किए जाने को गंभीर अनुशासनहीनता और आदेश की अवहेलना मानते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

मामला ग्राम एवं पोस्ट कोरावों निवासी दिनेश कुमार शर्मा, पिता स्व. रामप्रताप शर्मा की शिकायत से जुड़ा है। आवेदक ने आरोप लगाया कि उसके पड़ोसी अवधेश सिंह, अखिलेश सिंह और विमलेश उर्फ रिंकु सिंह ने जाली कागजात के सहारे जमीन हड़पने की साजिश रची। विरोध करने पर आरोपितों द्वारा उसके साथ मारपीट की गई, जान से मारने की धमकी दी गई और रंगदारी की मांग भी की गई।

शिकायतकर्ता ने इस संबंध में 22 सितंबर 2026 को आवेदन समर्पित किया। इससे पहले भी वह कई बार थाना पहुंचकर प्राथमिकी दर्ज कराने और कानूनी कार्रवाई की गुहार लगा चुका था। बताया गया है कि 14 सितंबर को ही संबंधित पदाधिकारी ने टेलीफोन के माध्यम से थानाध्यक्ष को आवेदन पर अग्रतर कार्रवाई का निर्देश दिया था। इसके बावजूद पुलिसिया कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी।

आदेश में थानाध्यक्ष पर मनमानेपन, घोर अनुशासनहीनता और वरीय पदाधिकारी के आदेश की स्पष्ट अवहेलना का आरोप लगाया गया है। इसके बाद पुलिस अवर निरीक्षक सह थानाध्यक्ष मंजीत ठाकुर को तत्काल प्रभाव से सामान्य जीवन-यापन भत्ता पर निलंबित करते हुए एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण देने का आदेश जारी किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय पुलिस लाइन निर्धारित किया गया है।

मामले में अब निलंबित थानाध्यक्ष के स्पष्टीकरण और विभागीय कार्रवाई पर निगाहें टिकी हैं, जबकि जमीन विवाद से जुड़े आरोपों की पुलिसिया जांच आगे किस दिशा में बढ़ती है, यह भी अहम होगा।

कुलदीप भारद्वाज की रिपोर्ट