पूर्व सैनिकों के साथ मजबूत होगी बिहार की सुरक्षा, सैप बल के 17 हजार पदों पर अनुबंध विस्तार को मिली मंजूरी
बिहार की नीतीश सरकार ने राज्य की कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने विशेष ऑक्जिलरी पुलिस (SAP) के जवानों के मानदेय (Honorarium) में वृद्धि के साथ-साथ उनके अनुबंध के विस्तार को भी मंजूरी दे दी है।
Patna - बिहार की नीतीश सरकार ने राज्य की आंतरिक सुरक्षा और अपराध नियंत्रण को प्राथमिकता देते हुए विशेष ऑक्जिलरी पुलिस (SAP) के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने बिहार पुलिस की प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि करने और संगठित अपराधियों व उग्रवादियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सैप बल के उपयोग को जारी रखने का निर्णय लिया है। इसके तहत वर्तमान में कार्यरत जवानों के अनुबंध को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विस्तार दिया गया है।
17,000 पदों पर पूर्व सैनिकों की होगी तैनाती
सरकारी आदेश के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कुल 17,000 पदों पर अनुबंध के आधार पर कर्मियों को रखने की स्वीकृति दी गई है। इन पदों पर भारतीय सेना के सेवानिवृत्त सैनिक (Ex-Army) और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के सेवानिवृत्त अर्धसैनिक बलों (Ex-Paramilitary) की सेवाएं ली जाएंगी। यह फैसला न केवल राज्य की सुरक्षा को मजबूत करेगा, बल्कि देश की सेवा कर चुके अनुभवी जवानों को रोजगार का सम्मानजनक अवसर भी प्रदान करेगा।
मानदेय में हुई वृद्धि, आदेश की तिथि से होगा लागू
सैप जवानों के लिए सबसे बड़ी राहत की खबर उनके मानदेय (Honorarium) को लेकर है। सरकार ने आदेश निर्गत होने की तिथि से ही वर्धित मानदेय (Increased Pay) के भुगतान का निर्देश दिया है। लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर प्रयासरत जवानों के लिए यह वित्तीय प्रोत्साहन उनके मनोबल को बढ़ाने वाला साबित होगा। इससे पहले भी सरकार ने विभिन्न श्रेणियों में मानदेय में 15% तक की बढ़ोतरी की थी, जिसे अब नए वित्तीय वर्ष के लिए और सुव्यवस्थित किया गया है।
उग्रवाद और अपराध नियंत्रण में मिलेगी मदद
सैप बल का गठन मुख्य रूप से बिहार के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों और जटिल भौगोलिक परिस्थितियों में अपराध नियंत्रण के लिए किया गया था। सरकार का मानना है कि सेना से सेवानिवृत्त जवान अपनी अनुशासनप्रियता और युद्धक कौशल के कारण उग्रवाद निरोध और विधि-व्यवस्था संधारण (Law and Order) में बिहार पुलिस के लिए 'फोर्स मल्टीप्लायर' का काम करते हैं। इस विस्तार से छापेमारी और फील्ड ऑपरेशंस में तेजी आने की उम्मीद है।
गृह विभाग ने जारी की आधिकारिक मंजूरी
बिहार सरकार के गृह विभाग के सचिव द्वारा जारी इस आदेश के बाद अब पुलिस मुख्यालय स्तर पर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह निर्णय सरकार की उस रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत नियमित पुलिस बल की कमी को पूरा करने और अनुभवी हाथों को सुरक्षा तंत्र में शामिल करने पर जोर दिया जा रहा है। 2026-27 के बजट प्रावधानों के तहत इन 17,000 जवानों की सैलरी और भत्तों के लिए पर्याप्त वित्तीय आवंटन भी सुनिश्चित किया गया है।