Patna News: पोस्टर-पॉलिटिक्स पर पटना निगम का डंडा, दीवारों और डिवाइडरों पर बैनर-पोस्टर लगाने पर रोक,नहीं सुधरे तो होगा भारी जुर्माना

Patna News: राजधानी पटना को स्वच्छ, सुंदर और सुव्यवस्थित बनाने की मुहिम में अब नरमी नहीं, सख़्ती का दौर शुरू हो गया है।

पोस्टर-पॉलिटिक्स पर पटना निगम का डंडा- फोटो : social Media

Patna News: राजधानी पटना को स्वच्छ, सुंदर और सुव्यवस्थित बनाने की मुहिम में अब नरमी नहीं, सख़्ती का दौर शुरू हो गया है। पटना नगर निगम ने साफ अल्फ़ाज़ में ऐलान कर दिया है कि शहर की दीवारों, डिवाइडरों और सार्वजनिक स्थलों को सियासी, कारोबारी और संस्थागत प्रचार का अखाड़ा बनाने वालों के खिलाफ अब सीधी कार्रवाई होगी। निगम का संदेश बिल्कुल वाज़ेह है शहर की सूरत से खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं।

बीते कुछ सालों में नगर निगम ने पटना को सिर्फ़ एक प्रशासनिक राजधानी नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पहचान देने की कोशिश की है। मधुबनी पेंटिंग्स, एस्थेटिक वॉल आर्ट और बिहार की ऐतिहासिक धरोहरों को दर्शाती कलाकृतियों से शहर की दीवारों को सजाया गया। ये दीवारें अब रंगों और विरासत की कहानी कहती हैं, लेकिन कुछ लोग इन्हें फिर से पोस्टर और बैनर की सियासत में घसीट लाए हैं।

नगर निगम का आरोप है कि कई कोचिंग संस्थान, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और संगठन अपने प्रचार के लिए सार्वजनिक संपत्ति को बेधड़क इस्तेमाल कर रहे हैं। बिजली के खंभे, चौराहे, डिवाइडर और स्टेशन के आसपास की दीवारें हर जगह पोस्टर चिपकाकर शहर की खूबसूरती पर ग्रहण लगाया जा रहा है। एक पोस्टर लगता है, फिर वहीं पोस्टरों की पूरी कतार खड़ी हो जाती है, और दीवारें बदनुमा चेहरा ओढ़ लेती हैं।

बोरिंग रोड, पटना जंक्शन और शहर के प्रमुख चौराहे इस “पोस्टर-पॉलिटिक्स” के सबसे बड़े शिकार बने हुए हैं। इस हालात को देखते हुए नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने तमाम अंचलों के कार्यपालक अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि अपने-अपने इलाकों में विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई करें। हुक्म साफ है सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर किसी तरह की रियायत नहीं।

नगर निगम ने चेतावनी दी है कि अवैध बैनर या पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ बिहार नगरपालिका अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी और जुर्माना भी ठोका जाएगा। साथ ही, आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे इस मुहिम में भागीदार बनें। अगर कहीं अवैध पोस्टर दिखें, तो टोल-फ्री नंबर 155304 पर शिकायत दर्ज कराएं।

निगम का कहना है कि शहर को साफ-सुथरा और खूबसूरत रखना सिर्फ़ हुकूमत की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का फ़र्ज़ है। पटना की दीवारें अब नारे नहीं, नज़ारे कहें यही इस सख़्ती की असल राजनीति है।