Patna High Court: NCERT की हिंदी पाठ्यपुस्तक में अश्लील शब्द पर पटना हाईकोर्ट सख्त, केंद्र से मांगा जवाब

हिंदी पाठ्यपुस्तक में अश्लील शब्द- फोटो : social Media

Patna High Court: पटना हाईकोर्ट ने एनसीईआरटी की हिंदी पाठ्यपुस्तक ‘सारंगी भाग-1’ में प्रकाशित ‘चंदा मामा दूर के’ कविता की दूसरी पंक्ति में कथित तौर पर गलत और आपत्तिजनक शब्द के इस्तेमाल को लेकर केंद्र सरकार से जवाब तलब किया है। अदालत ने पाठ्यपुस्तक में अश्लील शब्द प्रकाशित होने और लंबे समय बाद भी उसमें सुधार नहीं किए जाने के मामले में केंद्र को जवाबी हलफनामा दाखिल कर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को होगी।

पटना के मुसल्लहपुर निवासी सोमित्र शंकर की ओर से दाखिल लोकहित याचिका पर मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति वी. कामेश्वर राव और न्यायमूर्ति सुधीर सिंह की खंडपीठ ने सुनवाई की। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता शोवेन्द्र कुमार ने अदालत को बताया कि एनसीईआरटी की पुस्तक में कविता की दूसरी पंक्ति में एक शब्द कथित रूप से गलत छपा है। उनका कहना है कि इससे कविता का मूल अर्थ बदल जाता है और इस्तेमाल किए गए शब्द को लेकर महिलाओं की मर्यादा प्रभावित होने की आपत्ति उठाई गई है।

याचिका के मुताबिक, पुस्तक में छपी कथित गड़बड़ी की पुष्टि के लिए 21 जुलाई को कदमकुआं स्थित ज्ञान गंगा बुक डिपो से पुस्तक खरीदी गई और उसके बाद सत्यापन किया गया। याचिकाकर्ता का दावा है कि यह पुस्तक वर्ष 2023 में प्रकाशित हुई थी, लेकिन करीब ढाई साल गुजरने के बावजूद कथित त्रुटि को ठीक नहीं किया गया।

याचिका में कहा गया कि अभिभावक और बुद्धिजीवी इस तरह की पाठ्यपुस्तक संबंधी त्रुटि को अपने स्तर पर दुरुस्त नहीं कर सकते। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने प्रतिवादियों को 13 अक्टूबर तक जवाबी हलफनामा दाखिल करने का आदेश देते हुए मामले को अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया।