आपकी कार्यशैली से हम डिस्टर्ब हैं... पटना हाईकोर्ट ने जताई बिहार पुलिस के रवैये पर सख्त नाराजगी, एसपी को बड़ा निर्देश
एक नाबालिग से कथित दुष्कर्म और अपहरण के मामले में पुलिस की कार्यशैली और जांच प्रक्रिया को लेकर पटना हाई कोर्ट ने अपनी सख्त नाराजगी जाहिर की है.
Patna High Court : पटना हाईकोर्ट ने एक हेबियस कारपस मामले पर सुनवाई करते हुए पुलिस के रवैये पर सख्त नाराजगी जाहिर की। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि पुलिस के इस कार्यशैली हम डिस्टर्ब है। यह मामला मोतिहारी में एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म और अपहरण के मामलें में पुलिस द्वारा सही ढंग से कार्रवाई नही किये जाने का मामला है। अगस्त, 2024 मे पिपारा थाने अन्तर्गत दुष्कर्म हुआ था।
आरोपी नौशाद आलम को गिरफ्तार भी किया गया, लेकिन पीड़िता गवाही नही दे सके, इसलिए उसे फरवरी,2026 मे उसका अपहरण कर लिया गया। साढ़े तीन माह के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला। सुनवाई के समय मोतिहारी के एस पी वर्चुअल रूप से उपस्थित हुए। कोर्ट ने पुलिस जांच को सम्वेदनशील और निराशाजनक कहा। ये भी पता चला कि केस के आई ओ ने केस डायरी तक नही लिखा। इसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया।
अब इस मामलें की निगरानी स्वयं मोतिहारी के एस पी करेंगे। हेबियस कारपस की याचिका पीड़िता की माह ने दायर किया है। उन्होने पुलिस पर आरोप लगाया कि आई ओ ने उनकी सहायता करने की जगह उन्हें जेल भेजने की बात कही।
कोर्ट को ये बताया गया कि 24 फरवरी,2026 को लडकी का अपहरण किया। उसी दिन 112 नम्बर पर पुलिस को सूचना दी गई। लेकिन मामला दर्ज नही हुआ। जब पीड़िता की माॅ एस पी,मोतिहारी से मिली,तो 1 मार्च, 2026 को एफआईआर दर्ज हुआ। इस मामले पर अगली सुनवाई 9 जून,2026 को होगी l