Khan Sir News:पटना पुलिस से कोर्ट ने मांगी 'केस डायरी',बॉडीगार्ड के स्वीकारोक्ति बयान से फंसेगे खान सर!

कोर्ट ने खान सर की गिरफ्तारी पर 20 जून तक अंतरिम रोक लगा दी है और पुलिस से 'केस डायरी' तलब की है। हालांकि, गिरफ्तार बॉडीगार्ड प्रदीप कुमार के कबूलनामे ने व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता और सीधे गोली चलाने के आदेश जैसे कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

खान सर बॉडीगार्ड प्रदीप कुमार बयान - फोटो : Reporter

राजधानी पटना के मुसल्लहपुर हाट क्षेत्र में स्थित 'खान ग्लोबल एकेडमी' के बाहर 2 जून की रात हुई हिंसक झड़प और गोलीबारी के मामले में नया मोड़ आ गया है। इस मामले में आरोपी बनाए गए संस्थान के निदेशक फैजल खान उर्फ खान सर ने अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए माननीय अदालत ने पुलिस से मामले की विस्तृत 'केस डायरी' (Case Diary) तलब की है। इसके साथ ही अदालत ने खान सर को बड़ी राहत देते हुए 20 जून को होने वाली अगली सुनवाई तक उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है। हालांकि, पटना पुलिस ने उनके खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट जैसी बेहद गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है, जिससे उनकी कानूनी मुश्किलें कम नहीं हुई हैं 


मुख्य आरोपी प्रदीप कुमार की पृष्ठभूमि और पटना आगमन 

इस पूरे विवाद और एफआईआर की कड़ियां उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के रहने वाले सुरक्षा गार्ड प्रदीप कुमार (उम्र 38 वर्ष) के स्वीकारोक्ति बयान से जुड़ती हैं। प्रदीप कुमार ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वर्ष 2011 में पुरानी रंजिश के चलते उसके पिता की हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद आत्मरक्षार्थ उसने 2012 में एक 315 बोर राइफल का लाइसेंस लिया था। दिल्ली-नोएडा की एक निजी सुरक्षा एजेंसी के माध्यम से सितंबर 2025 में उसकी और उसके साथी तालेवर सिंह की नियुक्ति ₹40,000 प्रति माह के वेतन पर खान सर के निजी बॉडीगार्ड के रूप में हुई थी। इसी तैनाती के बाद दोनों गार्ड अपनी लाइसेंसी राइफलों के साथ पटना पहुंचे थे

कोचिंग संस्थानों की व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता और उकसावे का आरोप 

आरोपी प्रदीप कुमार के बयान ने पटना के कोचिंग हब में चल रही हिंसक व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता को उजागर किया है। बयान के अनुसार, खान सर ने अपने बॉडीगार्ड्स को पहले ही सचेत कर रखा था कि स्थानीय कोचिंग संस्थानों के बीच वर्चस्व की लड़ाई के कारण माहौल हमेशा तनावपूर्ण रहता है और विरोधी उन्हें बदनाम करने की साजिश रचते रहते हैं। एफआईआर और स्वीकारोक्ति बयान में सबसे गंभीर आरोप यह है कि खान सर ने अपने गार्ड्स को किसी भी विवाद की स्थिति में सीधे गोली चलाने की हिदायत दी थी। उन्होंने सुरक्षाकर्मियों को भरोसा दिलाया था कि उनकी पहुंच बहुत ऊंचे स्तर तक है, इसलिए वे किसी भी पुलिसिया या कानूनी पचड़े को खुद ही संभाल लेंगे, जिसके कारण गार्ड्स का हौसला बढ़ गया था 


2 जून की रात का घटनाक्रम और ताबड़तोड़ गोलीबारी

घटना की पटकथा 2 जून 2026 की रात करीब 10:30 बजे तब लिखी गई, जब कुछ अज्ञात उपद्रवियों की भीड़ ने खान ग्लोबल एकेडमी के पास आकर वहां तैनात सुरक्षा गार्ड धुमपुन के साथ मारपीट की और संस्थान के बैनर-पोस्टर फाड़ दिए। इस हंगामे को देखकर परिसर में मौजूद खान सर और उनके सहयोगियों ने कथित तौर पर अपने बॉडीगार्ड्स को डांटते हुए तुरंत एक्शन लेने और भीड़ पर गोली चलाने का आदेश दिया। आदेश मिलते ही प्रदीप कुमार और तालेवर सिंह ने कानून को हाथ में लेते हुए अपनी-अपनी राइफलों से भीड़ की तरफ दो-दो राउंड ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस गोलीबारी से मौके पर भगदड़ मच गई और किसी प्रत्यक्षदर्शी द्वारा बनाया गया इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया 


पुलिसिया कार्रवाई, हथियारों की जब्ती और आगामी जांच

वीडियो वायरल होने के बाद पटना की कदमकुआं पुलिस तुरंत हरकत में आई और तकनीकी सत्यापन के आधार पर त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने खान ग्लोबल एकेडमी के कार्यालय में छापेमारी कर दोनों सुरक्षा गार्डों प्रदीप कुमार और तालेवर सिंह को गिरफ्तार कर लिया और उनके पास से घटना में प्रयुक्त दोनों लाइसेंसी राइफलें, जिंदा कारतूस तथा शस्त्र लाइसेंस जब्त कर लिए। पुलिस थाना सिरिस्ता में बिना किसी दबाव के दर्ज किए गए इस स्वीकारोक्ति बयान पर आरोपी प्रदीप कुमार ने अपने हस्ताक्षर किए हैं। वर्तमान में दोनों गार्ड जेल में हैं और पुलिस इस बयान को मुख्य आधार बनाकर मामले के मुख्य साजिशकर्ताओं तथा अन्य चेहरों के खिलाफ आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई में जुट गई है