पटना में खनन विभाग का आधी रात को तगड़ा एक्शन! नूरपुर में ईंट भट्ठे पर ₹53.11 लाख का तगड़ा फाइन,केस दर्ज
पटना के नूरपुर में खनन विभाग ने देर रात छापेमारी कर अवैध मिट्टी खनन के मामले में एक ईंट भट्ठे पर ₹53 लाख 11 हजार का भारी जुर्माना लगाया है। भट्ठा मालिक धीरेंद्र उर्फ पप्पू मेहता के खिलाफ मालसलामी थाने में FIR दर्ज की गई है।
बिहार की राजधानी पटना के पटनासिटी अनुमंडल अंतर्गत नूरपुर इलाके में खनन विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर देर रात एक ईंट भट्ठे पर अचानक छापेमारी की। इस औचक कार्रवाई से अवैध खनन और नियमों को ताक पर रखकर काम करने वाले भट्ठा संचालकों के बीच हड़कंप मच गया। विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि इस क्षेत्र में बिना अनुमति और अवैध तरीके से बड़े पैमाने पर खनन और मिट्टी का स्टॉक किया जा रहा है।
अवैध खनन पर 53 लाख 11 हजार रुपये का तगड़ा जुर्माना
इस छापेमारी के दौरान खनन विभाग की टीम ने पाया कि ईंट भट्ठे पर बड़े पैमाने पर अवैध रूप से मिट्टी का उठाव और स्टॉक किया गया था, जो पूरी तरह से नियमों के खिलाफ था। मामले की गंभीरता और राजस्व की चोरी को देखते हुए विभाग ने भट्ठा संचालक पर नरमी बरतने के बजाय सख्त रुख अपनाया। नियमों के उल्लंघन और अवैध खनन को लेकर विभाग ने संबंधित ईंट भट्ठे पर कुल 53 लाख 11 हजार रुपये का तगड़ा जुर्माना (फाइन) ठोक दिया है।
भट्ठा मालिक धीरेंद्र उर्फ पप्पू मेहता पर प्राथमिकी दर्ज
केवल आर्थिक जुर्माना लगाने तक ही यह कार्रवाई सीमित नहीं रही, बल्कि इस मामले में संलिप्त मुख्य आरोपियों पर कानूनी शिकंजा भी कस दिया गया है। खनन विभाग के अधिकारियों के लिखित प्रतिवेदन के आधार पर स्थानीय मालसलामी थाना में एक नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई है। इस एफआईआर में ईंट भट्ठे के मालिक धीरेंद्र उर्फ पप्पू मेहता समेत अन्य सहयोगियों को आरोपी बनाया गया है, जिन पर सरकारी राजस्व को चूना लगाने और अवैध खनन अधिनियम के तहत केस दर्ज हुआ है।
अवैध बालू और मिट्टी खनन माफियाओं को सख्त संदेश
खनन विभाग की इस ताबड़तोड़ रात की छापेमारी और भारी-भरकम जुर्माने की कार्रवाई से क्षेत्र के अवैध खनन माफियाओं को एक सख्त संदेश गया है। मालसलामी थाना पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है और नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने वाले और अवैध रूप से मिट्टी व बालू का स्टॉक करने वाले किसी भी भट्ठा संचालक को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसी कार्रवाइयाँ आगे भी जारी रहेंगी।