Shambhu Girls Hostel: नीट छात्रा मौत केस में इंसाफ की चीख, साज़िश के साये के बीच गृह मंत्री का दो-टूक पैग़ाम, कहा- दोषियों को माला पहनाने का नहीं, उन पर माला चढ़ाने का काम होगा
सम्राट चौधरी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे कभी भी पुलिसिया कार्रवाई में दख़ल नहीं देते। पुलिस पूरी तरह स्वतंत्र है और इस मामले में भी बिना किसी बाहरी दबाव के जांच कर रही है।
Shambhu Girls Hostel: राजधानी पटना की फिज़ाओं में एक बार फिर इंसाफ़ की चीख़ गूंज उठी है। नीट की तैयारी कर रही जहानाबाद की होनहार छात्रा की संदिग्ध मौत अब महज़ एक हादसा नहीं रह गई है। इस पूरे मामले से दरिंदगी, लापरवाही और साज़िश की ऐसी बू उठ रही है, जिसने न सिर्फ़ पुलिसिया सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है, बल्कि सियासी गलियारों में भी हलचल मचा दी है। जिस शंभू गर्ल्स हॉस्टल में सपनों को परवाज़ मिलनी थी, वहीं अब शक, सवाल और खामोशी का क़त्लनुमा सन्नाटा पसरा हुआ है।
मामले ने जैसे-जैसे तूल पकड़ा, बिहार की सियासत भी उबाल पर आ गई। जहानाबाद की बेटी के साथ हुए कथित अत्याचार को लेकर राज्य के गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने बेहद सख़्त और बेबाक लहजे में अपनी बात रखी है। उन्होंने साफ़ कर दिया कि इस केस में न कोई दबाव चलेगा, न ही किसी रसूख़दार को बचाने की इजाज़त होगी। सरकार की नीति दो टूक है—अपराधी चाहे किसी भी ओहदे या पहचान का क्यों न हो, क़ानून की गिरफ़्त से बाहर नहीं जाएगा।
सम्राट चौधरी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे कभी भी पुलिसिया कार्रवाई में दख़ल नहीं देते। पुलिस पूरी तरह स्वतंत्र है और इस मामले में भी बिना किसी बाहरी दबाव के जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि छात्रा के साथ जो कुछ भी हुआ, उसकी एक-एक कड़ी की गहन तफ्तीश के आदेश दिए गए हैं। पुलिस को साफ़ हिदायत है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और दोषियों पर क़ानून का शिकंजा कसकर कसा जाएगा।
गृह मंत्री का बयान सिर्फ़ सियासी बयानबाज़ी नहीं, बल्कि एक सख़्त चेतावनी भी है। उन्होंने दो टूक कहा कि जो लोग बच्चियों के साथ इस तरह का घिनौना जुर्म करते हैं, उन्हें किसी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा। “दोषियों को माला पहनाने का नहीं, उन पर माला चढ़ाने का काम होगा,” उनके इस बयान ने साफ़ संकेत दे दिया कि सरकार अब नरमी के मूड में नहीं है।
सरकार का संदेश बिल्कुल वाज़ेह है बेटियों की हिफ़ाज़त से कोई समझौता नहीं होगा। इंसाफ़ की राह में चाहे जितनी भी साज़िशें हों, क़ानून अपना काम करेगा और इस केस का अंजाम उदाहरण बनेगा। अब निगाहें पुलिस की जांच और आने वाले खुलासों पर टिकी हैं, जो इस अंधेरे सच को रौशनी में लाएंगे।
रिपोर्ट- रंजीत कुमार