बिहार में नकली नोटों का 'इंटरनेशनल' सिंडिकेट : इटली और दुबई रिटर्न मास्टरमाइंड गिरफ्तार, यूपी-पाकिस्तान कनेक्शन से हड़कंप!
पटना के अगमकुंआ में ₹2 लाख के नकली नोटों के साथ 'हाई-प्रोफाइल' अपराधियों की गिरफ्तारी ने सबको चौंका दिया है। इटली और दुबई से लौटे युवक कैसे बन गए नकली नोटों के सौदागर? आखिर क्या है आजमगढ़ और पाकिस्तान का ये खौफनाक कनेक्शन? पढ़ें पूरी पड़ताल।
Patna - : बिहार की राजधानी पटना में नकली नोटों के एक बड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। अगमकुंआ थाना पुलिस और एसआईयू (SIU) की टीम ने एक संयुक्त कार्रवाई में दो लाख रुपये से अधिक की जाली करेंसी के साथ चार शातिर अपराधियों को दबोचा है। इस गिरोह का नेटवर्क न केवल उत्तर प्रदेश के आजमगढ़, बल्कि पाकिस्तान तक जुड़ा होने की आशंका है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं।
₹2.02 लाख की बरामदगी और हाई-एंड औरा कार जब्त
पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर गिरोह के पास से ₹100 और ₹500 के नकली नोटों की बड़ी खेप बरामद की है. कुल ₹2,02,500 मूल्य के जाली नोटों के साथ पुलिस ने एक हाई-एंड 'हुंडई औरा' कार भी जब्त की है, जिसका उपयोग नोटों की सप्लाई के लिए किया जा रहा था. गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान राणा लव, राणा कुश, अश्मित कुमार और आशुतोष कुमार के रूप में हुई है.
इटली और दुबई रिटर्न मास्टरमाइंड का खौफनाक 'प्रोफाइल'
इस गिरोह का सबसे चौंकाने वाला चेहरा 'राणा लव' है। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि राणा लव इटली की 'यूनिवर्सिटी ऑफ पडुआ' (University of Padova) से आईटी (Information Technology) की पढ़ाई कर रहा था. वहां मारपीट और पुलिस केस में फंसने के बाद वह दुबई भाग गया और फिर वहां से भारत लौटकर नकली नोटों के धंधे में उतर गया. स्टॉक मार्केट में भारी पैसा हारने के बाद उसने अमीर बनने के लिए इस शॉर्टकट को चुना.
यूपी के आजमगढ़ से पाकिस्तान तक के तार!
पकड़े गए अपराधियों ने कबूल किया है कि वे जाली नोटों की खेप उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ और अन्य इलाकों से लेकर आते थे. जांच में पाकिस्तान कनेक्शन की भी आशंका जताई जा रही है, क्योंकि बरामद नोटों की क्वालिटी बेहद उच्च स्तर की है। गिरोह के सदस्य राणा लव और राणा कुश के पिता का संबंध एक राजनीतिक दल से भी बताया जा रहा है, जिसकी पुलिस अभी गहनता से जांच कर रही है.
पुलिस की रडार पर 'मास्टरमाइंड' और पूरा सिंडिकेट
पटना सिटी एसपी (पूर्व) परिचय कुमार ने बताया कि यह गिरोह इससे पहले भी यूपी से ₹50-50 हजार की दो खेप पटना लाकर खपा चुका है. पुलिस अब इनके मोबाइल से मिले वीडियो और प्रिंटिंग मशीनरी की तलाश कर रही है. मामले की गंभीरता को देखते हुए आर्थिक अपराध इकाई (EOU) और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को भी सूचित किया गया है, साथ ही यूपी पुलिस से भी संपर्क साधा जा रहा है.