Patna Property Tax: अब AI बताएगा किसने नहीं भरा प्रॉपर्टी टैक्स, 7 लाख बिजली उपभोक्ताओं के डाटा से होगी जांच, टैक्स चोरों पर कसेगा शिकंजा
पटना नगर निगम अब बिजली बिल के डाटा के आधार पर संपत्तियों का सर्वे कर उन मकानों और भवनों की पहचान करेगा, जो अब तक प्रॉपर्टी टैक्स के दायरे में शामिल नहीं हो सके हैं।...
Patna Property Tax: पटना नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रॉपर्टी टैक्स के सेल्फ असेसमेंट अभियान की शुरुआत कर दी है। इस बार टैक्स व्यवस्था को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद ली जाएगी। नगर निगम अब बिजली बिल के डाटा के आधार पर संपत्तियों का सर्वे कर उन मकानों और भवनों की पहचान करेगा, जो अब तक प्रॉपर्टी टैक्स के दायरे में शामिल नहीं हो सके हैं।
दरअसल, पटना नगर निगम क्षेत्र में करीब 7 लाख बिजली उपभोक्ता हैं, जबकि प्रॉपर्टी टैक्स के लिए केवल करीब 3 लाख संपत्तियां ही पंजीकृत हैं। इसी बड़े अंतर को खत्म करने और टैक्स बेस का विस्तार करने के लिए निगम ने विशेष अभियान शुरू किया है।इस अभियान के तहत नगर निगम के कंट्रोल रूम में 26 सदस्यीय विशेष टीम गठित की गई है। यह टीम प्रतिदिन बिजली उपभोक्ताओं से फोन पर संपर्क कर उनकी संपत्ति, Self Assessment Schemeसंख्या, प्रॉपर्टी टैक्स की स्थिति और अन्य जरूरी जानकारियां जुटाएगी। साथ ही लोगों को टैक्स असेसमेंट की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों और ऑनलाइन आवेदन से जुड़ी पूरी जानकारी भी दी जाएगी।
ऊर्जा विभाग ने नगर निगम को 6,97,792 बिजली उपभोक्ताओं का डाटा उपलब्ध कराया है। इनमें 6,18,244 उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर दर्ज हैं। अभियान के पहले चरण में इन्हीं उपभोक्ताओं से संपर्क कर उन्हें प्रॉपर्टी टैक्स के दायरे में लाने की कवायद शुरू की गई है। अभियान की नियमित मॉनिटरिंग के लिए सभी टीम सदस्यों को प्रतिदिन अपनी कार्य रिपोर्ट भी देनी होगी।
इधर, मानसून को देखते हुए नगर निगम और बुडको भी पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। संयुक्त समीक्षा बैठक में शहर के सभी खुले गड्ढों, नालों और मैनहोल के पास तत्काल बैरिकेडिंग या लाल झंडे लगाने का निर्देश दिया गया है, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो सके।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी सड़क की खुदाई नहीं की जाएगी। यदि किसी आपात स्थिति में खुदाई आवश्यक होती है तो निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए ही कार्य होगा। इसके अलावा जलनिकासी, सफाई अभियान या सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने वाले लोगों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज करने का निर्देश भी जारी किया गया है।नगर निगम का मानना है कि AI आधारित सर्वे और विशेष संपर्क अभियान से प्रॉपर्टी टैक्स व्यवस्था अधिक पारदर्शी होगी, राजस्व में बढ़ोतरी होगी और शहर में नागरिक सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे।