Bihar Education News:शिक्षक-विद्यार्थी मिलकर बनाएंगे बिहार को नवाचारी शिक्षा का मॉडल, शिक्षा मंत्री का एलान

Bihar Education News: शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने ऐलान किया कि शिक्षक और विद्यार्थी मिलकर बिहार को गुणवत्तापूर्ण एवं नवाचारी शिक्षा का राष्ट्रीय मॉडल बनाएंगे। ...

शिक्षक-विद्यार्थी मिलकर बनाएंगे बिहार को नवाचारी शिक्षा का मॉडल- फोटो : Hiresh Kumar

Bihar Education News: बिहार की सियासत में शिक्षा को लेकर नई बयार बह रही है। राज्य स्तरीय विज्ञान एवं गणित प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग (पीबीएल) मेला सह प्रदर्शनी के मंच से शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने ऐलान किया कि शिक्षक और विद्यार्थी मिलकर बिहार को गुणवत्तापूर्ण एवं नवाचारी शिक्षा का राष्ट्रीय मॉडल बनाएंगे। उन्होंने कहा कि यह महज़ मेला नहीं, बल्कि तालीम में तब्दीली का इंकलाब है।

राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद् (एससीईआरटी) द्वारा महेंद्रू परिसर में आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम में प्रदेश के 38 जिलों से आए छात्र-छात्राओं ने अपने मॉडल, प्रयोग और शोध-आधारित प्रोजेक्ट्स से सबका दिल जीत लिया। दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का आगाज हुआ, जिसके बाद मंत्री और अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेंद्र ने बच्चों के प्रोजेक्ट्स का जायजा लिया और उनसे मुखातिब हुए।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि जब बच्चे खुद मॉडल बनाते हैं, तजुर्बा करते हैं और अपनी समझ पेश करते हैं, तब सीखना महज़ किताबों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि ज़िंदगी से जुड़ जाता है। उन्होंने भरोसा जताया कि आगामी राष्ट्रीय सर्वेक्षण ‘परख’ में बिहार राष्ट्रीय औसत से आगे निकलकर उत्कृष्ट राज्यों में अपनी पहचान दर्ज कराएगा।

इस मेले में ‘अनुभव से नेतृत्व’ विषय पर पैनल डिस्कशन भी हुआ, जहां शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं ने तालीमी इस्लाह पर खुलकर राय रखी। ‘किलकारी’ के प्रशिक्षुओं की विज्ञान आधारित नाट्य प्रस्तुति ने समां बांध दिया। माहौल में उत्साह, जिज्ञासा और नवाचार की चमक साफ दिखाई दी।

गणित और विज्ञान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों को सम्मानित किया गया, जबकि सभी प्रतिभागी छात्रों और शिक्षकों को प्रशस्ति-पत्र देकर हौसला अफजाई की गई। कार्यक्रम में मंत्रा सोशल सर्विसेज के सहयोग ने भी अहम भूमिका निभाई। यह आयोजन सरकार का बड़ा संदेश है अब शिक्षा सिर्फ इम्तिहान तक नहीं, बल्कि इनोवेशन और स्किल तक पहुंचेगी। शिक्षा मंत्री ने दो टूक कहा, “हमारी मंज़िल है बेहतर बुनियाद, मजबूत बिहार।” साफ है, ‘छोटे कदम’ अब ‘बड़े बदलाव’ की दस्तक दे रहे हैं।