पटना में ट्रैफिक 'चालान' का नया नियम: अब दिन में सिर्फ एक बार कटेगा जुर्माना, बार-बार की किचकिच खत्म!

पटना में अब ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर दिन में सिर्फ एक बार चालान कटेगा। अपडेटेड हाई-टेक सिस्टम बार-बार जुर्माने पर लगाएगा रोक, दोबारा चालान कटने पर DTO में होगी शिकायत।

Patna - : पटना की सड़कों पर वाहन चलाने वालों के लिए राहत भरी खबर है। जिला परिवहन कार्यालय और ट्रैफिक पुलिस ने अपने डिजिटल सिस्टम को अपडेट कर दिया है, जिसके तहत अब किसी भी वाहन का एक ही गलती के लिए दिन में एक से ज्यादा बार चालान नहीं कटेगा। बार-बार जुर्माना कटने की शिकायतों को देखते हुए प्रशासन ने यह 'स्मार्ट' कदम उठाया है। 

हाई-टेक मशीनों ने रोकी जुर्मानों की 'रिपीट टेलीकास्ट'

अक्सर देखा जाता था कि हेलमेट न पहनने या सीट बेल्ट जैसी गलतियों पर एक ही व्यक्ति का शहर के अलग-अलग चौराहों पर कई बार चालान कट जाता था। अब ट्रैफिक पुलिस की चालान मशीनों को इतना हाई-टेक बना दिया गया है कि जैसे ही पुलिसकर्मी गाड़ी नंबर डालेगा, सिस्टम तुरंत अलर्ट कर देगा कि इस वाहन का आज का कोटा (जुर्माना) पहले ही पूरा हो चुका है। यह व्यवस्था मैन्युअल मशीन और मोबाइल ऐप, दोनों पर लागू होगी। 

एक बार की गलती, बस एक बार की सजा

नए अपडेट के बाद अगर आपका चालान सुबह डाकबंगला चौराहे पर कट गया है, तो दोपहर में बोरिंग रोड या शाम को गांधी मैदान में उसी गलती के लिए दोबारा जुर्माना नहीं देना होगा। सिस्टम पिछले चालान का डेटा तुरंत फेच कर लेगा। यह नियम उन लोगों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है, जिन्हें काम के सिलसिले में दिन भर शहर के एक कोने से दूसरे कोने तक दौड़ना पड़ता है। 

डिजिटल और मोबाइल चालान भी हुए 'स्मार्ट'

प्रशासन ने न केवल ऑन-द-स्पॉट मशीनों को, बल्कि फोटो खींचकर काटे जाने वाले चालान सिस्टम को भी अपडेट किया है। अब यदि कोई ट्रैफिक कर्मी मोबाइल ऐप से वाहन की फोटो लेकर चालान की प्रक्रिया शुरू करेगा, तो सर्वर तुरंत जांच लेगा कि क्या पिछले कुछ घंटों में उस गाड़ी का चालान हुआ है। इससे डिजिटल चालान में होने वाली तकनीकी गड़बड़ियों और दोहराव पर पूरी तरह रोक लगेगी। 

गलती से दोबारा चालान कटे तो न हों परेशान

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि तकनीकी खराबी के कारण किसी चालक का दोबारा चालान कट जाता है, तो उसे घबराने की जरूरत नहीं है। ऐसे वाहन चालक अपनी पुरानी रसीद लेकर सीधे ट्रैफिक पुलिस मुख्यालय या जिला परिवहन कार्यालय (DTO) जा सकते हैं। वहां साक्ष्य दिखाने पर गलत तरीके से काटा गया दूसरा जुर्माना तुरंत रद्द कर दिया जाएगा। 

विवादों और शिकायतों में आएगी बड़ी कमी

आंकड़ों के मुताबिक, पटना शहरी क्षेत्र में रोजाना औसतन 50 से 60 चालान कटते हैं, जिनमें से करीब 20% मामले बार-बार चालान कटने से जुड़े होते थे। इस वजह से आम जनता और पुलिस के बीच अक्सर तीखी नोकझोंक होती थी। नई व्यवस्था लागू होने से न केवल ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली पारदर्शी होगी, बल्कि जनता का पुलिस पर भरोसा भी बढ़ेगा। 

प्रशासन का संदेश: राहत का मतलब लापरवाही नहीं

भले ही सरकार ने एक दिन में एक चालान का नियम बनाया है, लेकिन ट्रैफिक पुलिस ने साफ कर दिया है कि इसका मतलब यह कतई नहीं है कि एक बार चालान कटने के बाद चालक नियमों को तोड़ने के लिए स्वतंत्र हैं। यह व्यवस्था केवल तकनीकी दोहराव और जनता की आर्थिक परेशानी कम करने के लिए है। सड़क सुरक्षा के लिए नियमों का पालन करना अभी भी अनिवार्य है।