PMCH में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल खत्म, स्वास्थ्य विभाग से मिला बड़ा आश्वासन, निशांत ने भी लिया संज्ञान

जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन ने कहा कि मरीजों के हित और जनस्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया गया है, ताकि अस्पताल की सेवाएं सामान्य रूप से संचालित हो सकें।

PMCH Junior Doctors End Strike - फोटो : news4nation

PMCH :  राजधानी पटना के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल पीएमसीएच (PMCH) में नर्सों और जूनियर डॉक्टरों की लगातार हड़ताल से प्रभावित स्वास्थ्य सेवाएं अब धीरे-धीरे पटरी पर लौटने लगी हैं। बुधवार को मरीजों के लिए राहत भरी खबर सामने आई, जब स्वास्थ्य विभाग के साथ सकारात्मक बातचीत के बाद पीएमसीएच जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) ने अपनी हड़ताल तत्काल प्रभाव से वापस लेने का ऐलान कर दिया। 


जूनियर डॉक्टरों ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाया है। विभाग ने भरोसा दिलाया है कि पीजी रेजिडेंट डॉक्टरों के स्टाइपेंड और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के वेतन संशोधन का प्रस्ताव इसी सप्ताह वित्त विभाग को भेज दिया जाएगा। इसके अलावा अन्य प्रशासनिक और संस्थागत मांगों के समाधान के लिए एक महीने के भीतर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया है। साथ ही स्वास्थ्य मंत्री के साथ जल्द बैठक कर आगे की रणनीति तय की जाएगी। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन ने कहा कि मरीजों के हित और जनस्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया गया है, ताकि अस्पताल की सेवाएं सामान्य रूप से संचालित हो सकें।


निशांत ने लिए संज्ञान 

इससे पहले बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने पूरे मामले पर बयान देते हुए कहा था कि पीएमसीएच के अधीक्षक को तलब किया गया है और सभी पक्षों से विस्तृत चर्चा के बाद उचित समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार इस विवाद को गंभीरता से ले रही है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। 


नर्सो का विरोध प्रदर्शन 

गौरतलब है कि विवाद की शुरुआत पीएमसीएच में कार्यरत एक महिला नर्स के पति की इलाज के दौरान हुई मौत के बाद हुई थी। मृतक पटना जिले के मोकामा के रहने वाले थे। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही और उचित इलाज नहीं मिलने के कारण उनकी मौत हुई। इस घटना से नाराज नर्सों ने मंगलवार को कार्य बहिष्कार कर दिया था।



करीब आठ घंटे तक चली नर्सों की हड़ताल के कारण इमरजेंसी सेवाओं के अलावा ऑपरेशन थिएटर और कई अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। इस दौरान 52 निर्धारित सर्जरी भी स्थगित करनी पड़ीं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।


कार्रवाई का भरोसा 

बाद में पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने नर्सों से बातचीत की और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद नर्सों ने अपना आंदोलन वापस ले लिया और काम पर लौट आईं। हालांकि, इसके बाद जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल शुरू कर दी थी, जिसे अब स्वास्थ्य विभाग के आश्वासन के बाद समाप्त कर दिया गया है। इसके साथ ही पीएमसीएच में स्वास्थ्य सेवाओं के पूरी तरह सामान्य होने की उम्मीद बढ़ गई है।