समय पर पंचायत चुनाव कराने के लिए भावी प्रत्याशियों ने हाईकोर्ट का खटखटाया दरवाजा
बिहार में पंचायती राज चुनाव में संभावित देरी और नए सिरे से परिसीमन लागू किए जाने की चर्चाओं के बीच भावी उम्मीदवारों की चिंता बढ़ गई है। ऐसे में अब समय पर चुनाव कराने को लेकर भावी प्रत्याशियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है....
Patna : बिहार में पंचायती राज चुनाव को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राज्य में चुनाव में संभावित देरी और नए सिरे से परिसीमन (Delimitation) लागू किए जाने की चर्चाओं के बीच भावी उम्मीदवारों की चिंता बढ़ गई है। चुनाव प्रक्रिया में होने वाली देरी की आशंका को देखते हुए संभावित प्रत्याशियों ने पटना हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
समय पर चुनाव कराने के लिए हाईकोर्ट में रिट याचिका
उम्मीदवारों की ओर से पटना हाईकोर्ट में एक रिट याचिका दायर कर पंचायत चुनाव को तय समय सीमा के भीतर कराने की मांग की गई है। याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता निरंजन सिंह ने अदालत से आग्रह किया है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए चुनाव समय पर आयोजित किए जाएं, ताकि चुनाव प्रक्रिया में किसी प्रकार का अनावश्यक विलंब न हो।
परिसीमन लागू होने से बदल सकते हैं राजनीतिक समीकरण
याचिका में इस बात का जिक्र किया गया है कि यदि पंचायती राज व्यवस्था में नया परिसीमन लागू किया जाता है, तो पंचायतों के भौगोलिक क्षेत्र, वार्डों की सीमा, आरक्षित सीटों और मतदाता सूचियों में बड़ा बदलाव आएगा। परिसीमन की प्रक्रिया लंबी होने के कारण चुनाव महीनों टल सकते हैं, जिससे पुराने जनप्रतिनिधियों और भावी प्रत्याशियों के बीच राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं।
संभावित उम्मीदवारों में अनिश्चितता का माहौल
पंचायती राज चुनाव की तैयारियों में जुटे भावी उम्मीदवारों का कहना है कि चुनाव में देरी होने से उनकी महीनों की मेहनत और चुनावी रणनीति प्रभावित हो रही है। उम्मीदवारों का मानना है कि समय पर चुनाव न होने से पंचायतों में विकास कार्य बाधित होंगे और प्रशासनिक प्रतिनिधियों के भरोसे व्यवस्था छोड़े जाने से जनता की समस्याएं बढ़ेंगी।
पटना हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी सभी की निगाहें
याचिका दायर होने के बाद अब राज्य के तमाम संभावित उम्मीदवारों, वर्तमान प्रतिनिधियों और आम जनता की निगाहें पटना हाईकोर्ट पर टिक गई हैं। अब देखना होगा कि अदालत इस याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को समय पर चुनाव कराने या परिसीमन को लेकर क्या दिशा-निर्देश जारी करती है।
अनिल की रिपोर्ट