Bihar Vande Bharat Express: रील का जुनून बना रेल की जान का दुश्मन! बख्तियारपुर के पास वंदे भारत रोकने की साज़िश, पटरी पर लकड़ी-कंक्रीट रखकर स्टंट, रेल प्रशासन सख्त

Bihar Vande Bharat Express: पटना-मोकामा रेलखंड पर बख्तियारपुर के पास कुछ लड़कों ने ऐसी हरकत कर डाली, जिसने सैकड़ों यात्रियों की जान को दांव पर लगा दिया।

बख्तियारपुर के पास वंदे भारत रोकने की साज़िश- फोटो : social Media

Bihar Vande Bharat Express: बिहार में रील बनाने की सनक अब ख़तरनाक अपराध की शक्ल लेती दिख रही है। पटना-मोकामा रेलखंड पर बख्तियारपुर के पास कुछ लड़कों ने ऐसी हरकत कर डाली, जिसने सैकड़ों यात्रियों की जान को दांव पर लगा दिया। सामने आए वायरल वीडियो में पांच लड़के, जो नाबालिग नजर आ रहे हैं, वंदे भारत एक्सप्रेस को रोकने के इरादे से रेलवे ट्रैक पर मोटी-मोटी लकड़ियां और कंक्रीट के पोल रखकर अवरोध खड़ा करते दिखाई दे रहे हैं।

वीडियो में एक लड़का बेखौफ अंदाज़ में एलान करता है “आज हम लोग ट्रेन को रोकने आए हैं, रोक कर ही रहेंगे।” इसके बाद सभी मिलकर ट्रैक पर अवरोध जमाते हैं और मोबाइल कैमरे ऑन कर रील बनाने लगते हैं। यह पूरा मंजर कानून, सुरक्षा और समझदारी तीनों को खुली चुनौती देता दिखता है।

इसी दौरान दूसरी पटरी पर आ रही वंदे भारत एक्सप्रेस तकनीकी कारणों से रुक जाती है। मौके का फायदा उठाकर रील बना रहे लड़के ट्रेन के पास पहुंचते हैं और बेशर्मी से कहते हैं “देखा, रुकवा दी ट्रेन।” कुछ ही देर में ट्रेन में सवार सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचकर लड़कों को फटकार लगाते हैं और वहां से हटने को कहते हैं। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि News4Nation नहीं करता।

रेलवे सूत्रों के मुताबिक यह घटना पटना–मोकामा सेक्शन के बख्तियारपुर लिंक स्टेशन के पास की बताई जा रही है। वीडियो सामने आते ही रेल प्रशासन हरकत में आ गया है। पांचों लड़कों की पहचान की जा रही है और मामले की गंभीरता को देखते हुए कड़ी कार्रवाई की तैयारी चल रही है। रेलवे अफसरों का कहना है कि यह महज शरारत नहीं, बल्कि रेलवे सुरक्षा से खिलवाड़ और गंभीर आपराधिक कृत्य है।

सोशल मीडिया पर भी इस हरकत को लेकर गुस्सा फूट पड़ा है। एक्स यूजर जितेंद्र प्रताप सिंह ने वीडियो साझा करते हुए लिखा “रील के लिए इन जाहिलों ने वंदे भारत रोक दी। अगर ड्राइवर की नजर अवरोध पर नहीं पड़ती और ट्रेन टकरा जाती, तो कितनी जानें जातीं? इनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”

फिलहाल सवाल यही है रील की भूख में कानून की लकीर क्यों मिटाई जा रही है? और क्या ऐसे मामलों में नज़ीर बनाकर कार्रवाई होगी, ताकि दोबारा कोई रेल की पटरी को स्टेज न समझे।