कौन था कुख्यात अमन सिंह? जिसके गैंग ने सिंह मेंशन पर बम फेंककर दी धनबाद को 'श्मशान' बनाने की धमकी

Aman Singh Dhanbad: कुख्यात अपराधी अमन सिंह जेल में बंद रहने के बावजूद धनबाद में आतंक का पर्याय बना हुआ था.अब मौत के 2 साल बाद इसके गिरोह ने झारखंड की 'कोल नगरी' धनबाद के सरायढेला स्थित सिंह मेंशन को देर रात बम धमाकों दहला दिया है.

Who was the infamous Aman Singh His gang bombed Singh Mansio
कौन था कुख्यात अमन सिंह? जिसके गैंग ने सिंह मेंशन पर बम फेंककर दी धनबाद को 'श्मशान' बनाने की धमकी- फोटो : news 4 nation

झारखंड की 'कोल नगरी' धनबाद के सरायढेला स्थित झरिया विधायक रागिनी सिंह का आवास, सिंह मेंशन, देर रात बम धमाकों से दहल उठा। अज्ञात हमलावरों ने रात करीब 11:20 बजे दो सुतली बम फेंके—एक परिसर के भीतर गिरा और दूसरा बाहर सड़क पर। इन धमाकों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि पूरे इलाके में दहशत फैल गई। अंधेरे का लाभ उठाकर अपराधी भागने में सफल रहे, लेकिन हमले के कुछ ही देर बाद गैंगस्टर अमन सिंह गिरोह के शंकर सिंह ने एक वायरल पर्चे के जरिए इस हमले की जिम्मेदारी लेकर पुलिस प्रशासन को खुली चुनौती दे दी है।

खौफनाक धमकी: "धनबाद को बना देंगे श्मशान"

सोशल मीडिया पर वायरल हुए पत्र में गिरोह ने बेहद डरावनी चेतावनी दी है। पत्र में लिखा गया है कि "जिस धरती पर अमन का खून गिरा है, उसे बंजर बना देंगे" और पूरे धनबाद को "श्मशान घाट" में तब्दील करने की धमकी दी गई है। इस गिरोह ने विशेष रूप से कोयला और लोहा कारोबार से जुड़े व्यापारियों को निशाने पर लिया है और उनसे रंगदारी की मांग की है। पर्चे में "अमन सिंह के वचन" को पूरा करने और लोगों को चुन-चुन कर मारने की बात कहकर शहर में आतंक का नया माहौल बनाने की कोशिश की गई है।

कौन था अमन सिंह और कैसे फैला उसका साम्राज्य?


अमन सिंह धनबाद में आतंक का वह नाम था, जिसे मई 2021 में यूपी एसटीएफ ने मिर्जापुर से गिरफ्तार कर धनबाद पुलिस को सौंपा था। वह पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह हत्याकांड का मुख्य शूटर था। जेल के भीतर रहने के बावजूद उसका रसूख ऐसा था कि पूरे कोयलांचल के व्यापारियों, डॉक्टरों और ठेकेदारों से रंगदारी वसूली जाती थी। हालांकि, 3 दिसंबर 2023 को धनबाद जेल के अंदर ही उसे छह-सात गोलियां मारकर मौत के घाट उतार दिया गया था। अब उसका गिरोह उसी हत्या का बदला लेने के नाम पर शहर को धमका रहा है।

सुपारी किलिंग और अंतरराज्यीय अपराधों का जाल

अमन सिंह गैंग का नेटवर्क केवल झारखंड तक सीमित नहीं था। इस गिरोह पर गुजरात के भाजपा नेता शैलेश पटेल और बंगाल के आसनसोल के भाजपा नेता राजू झा की हत्या जैसे गंभीर आरोप लगे थे। धनबाद के राजकुमार साव हत्याकांड में भी इसी गैंग का हाथ बताया गया था। विडंबना यह है कि इतने संगीन अपराधों के बावजूद पुलिस अदालत में कई मामलों में आरोप सिद्ध करने में विफल रही, जिससे अमन सिंह कई केसों में बरी भी हो गया था। अब उसकी मौत के बाद शंकर सिंह जैसे गुर्गे गिरोह की कमान संभालकर फिर से धनबाद को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं।