राजस्व विभाग में मचेगा हड़कंप: जमाबंदी सुधार में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, अंचल अधिकारियों को आवेदनों के त्वरित निपटारे का आदेश
ग्री स्टैक (AgriStack) के तहत किसानों की फॉर्मर आईडी बनाने में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए 'परिमार्जन प्लस' आवेदनों को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर निपटाने का निर्देश दिया गया है।
Patna - बिहार के उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने किसानों के हित में एक बड़ा निर्णय लिया है। एग्री स्टैक (AgriStack) के तहत किसानों की फॉर्मर आईडी बनाने में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए 'परिमार्जन प्लस' आवेदनों को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर निपटाने का निर्देश दिया गया है। विभाग का लक्ष्य है कि डिजिटाइज्ड जमाबंदी की त्रुटियों के कारण कोई भी किसान सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
एग्री स्टैक और फॉर्मर आईडी की बाधाएं होंगी दूर
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने जानकारी दी कि वर्तमान में संचालित एग्री स्टैक महाअभियान के दौरान एक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कई किसानों की डिजिटाइज्ड जमाबंदी अद्यतन (Update) नहीं होने या उसमें त्रुटि रहने के कारण उनकी फॉर्मर आईडी (Farmer ID) बनने में समस्या आ रही है। इस तकनीकी बाधा की वजह से किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में काफी कठिनाई हो रही है।
राजस्व महा-अभियान के आवेदनों को सर्वोच्च प्राथमिकता
उपमुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, विभाग ने राजस्व महा-अभियान (16 अगस्त 2025 से 20 सितंबर 2025) के दौरान प्राप्त 'परिमार्जन प्लस' आवेदनों के त्वरित निष्पादन का निर्णय लिया है। विशेष रूप से उन आवेदनों को प्राथमिकता दी जाएगी जो सीधे तौर पर एग्री स्टैक या किसानों के हितों से जुड़े हुए हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य जमाबंदी सुधार के मामलों को अविलंब निपटाना है ताकि किसानों की फॉर्मर आईडी बनाने की प्रक्रिया में कोई देरी न हो।
जिलाधिकारियों और अंचल अधिकारियों को सख्त निर्देश
विभाग ने इस आदेश के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए सभी जिलों के समाहर्ताओं (DM) को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के सभी अंचल अधिकारियों (CO) को आवश्यक आदेश पारित करें। विभाग ने इस पूरी प्रक्रिया को 'अत्यावश्यक' की श्रेणी में रखा है और यह सुनिश्चित करने को कहा है कि संबंधित आवेदनों का निष्पादन त्वरित और प्रभावी ढंग से हो।