गांधी मैदान में सम्राट चौधरी ने फहराया पहली बार तिरंगा,शिक्षा, उद्योग और खेल को नई रफ्तार देने का किया ऐलान

Bihar Independence Day: बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी ने पहली बार पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में तिरंगा फहराया।

Bihar Independence Day: बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी ने पहली बार पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में तिरंगा फहराया। इससे पहले उन्होंने स्वतंत्रता दिवस परेड की सलामी ली। 80वें स्वतंत्रता दिवस के इस गौरवपूर्ण मौके पर गांधी मैदान देशभक्ति, जज्बे और शान-ओ-शौकत से सराबोर नजर आया। मुख्यमंत्री ने बिहार समेत पूरे देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की मुबारकबाद देते हुए उन तमाम वीर स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी, जिनकी कुर्बानी और संघर्ष से मुल्क को आजादी मिली।

भारी सुरक्षा इंतजामों के बीच गांधी मैदान में आयोजित मुख्य राजकीय समारोह को पूरी गरिमा और सुव्यवस्थित अंदाज में संपन्न कराया गया। मुख्यमंत्री के झंडोत्तोलन से पहले परेड हुई, जिसकी उन्होंने सलामी ली। इसके बाद राष्ट्रध्वज फहराया गया और वंदे मातरम् के साथ पूरा माहौल देशभक्ति के जज्बे से भर उठा।मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आजादी सिर्फ अधिकार नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है। उन्होंने बिहार की ग्रामीण आबादी का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य की लगभग 85 फीसदी आबादी गांवों में रहती है। ऐसे में ग्रामीण इलाकों की समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता है। इसी मकसद से महीने के आखिरी रविवार को ‘पंचायत दिवस’ कार्यक्रम शुरू करने की बात कही गई, ताकि गांव की चौखट पर ही लोगों की समस्याओं को सुनकर उनके समाधान की कवायद तेज की जा सके।

महिलाओं की सुरक्षा पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने महिलाओं की सुरक्षा और भागीदारी को लेकर भी बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि बिहार में महिलाओं के लिए सरकार लगातार काम कर रही है और देश में सबसे ज्यादा महिला पुलिस बल बिहार में है।

उन्होंने स्कूल और कॉलेजों में छात्राओं की सुरक्षा के लिए ‘पुलिस दीदी’ की तैनाती की घोषणा की। मुख्यमंत्री के मुताबिक इसकी शुरुआत रक्षाबंधन से की जाएगी। ये महिला पुलिसकर्मी स्कूटी के साथ शिक्षण संस्थानों के आसपास तैनात रहेंगी और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएंगी।सरकार के इस ऐलान को स्कूल-कॉलेजों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। खासकर छात्राओं और महिला विद्यार्थियों के लिए शिक्षण संस्थानों के आसपास महिला पुलिस की मौजूदगी सुरक्षा का भरोसा बढ़ा सकती है।


शिक्षा, उद्योग और खेल को नई रफ्तार देने का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार को शिक्षा, उद्योग और खेल के क्षेत्र में आगे ले जाने का लक्ष्य तय किया गया है। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के मंच से राज्य में निजी निवेश को लेकर भी बड़ा दावा किया।

उन्होंने कहा कि अगले नवंबर तक बिहार में 5 लाख करोड़ रुपये का निजी निवेश लाने का लक्ष्य रखा गया है। अगर यह निवेश जमीन पर उतरता है तो उद्योग, रोजगार और कारोबारी गतिविधियों को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

निजी निवेश बढ़ने से राज्य में नए उद्योग, उत्पादन इकाइयां और सेवा क्षेत्र विकसित होने की संभावना है। इसके साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलने की उम्मीद जताई जा रही है। मुख्यमंत्री के भाषण में निवेश का यह ऐलान बिहार को औद्योगिक रूप से मजबूत बनाने की सरकार की कोशिश के तौर पर सामने आया।

80 हजार वर्गफीट में दर्शक दीर्घा पर शेड

गांधी मैदान में स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए थे। मौसम को ध्यान में रखते हुए करीब 80 हजार वर्गफीट क्षेत्र में दर्शक दीर्घा के ऊपर शेड का निर्माण कराया गया था। इसका मकसद बारिश या प्रतिकूल मौसम की स्थिति में दर्शकों को परेशानी से बचाना था।

समारोह में विशिष्ट और अतिविशिष्ट अतिथियों के लिए भी आवश्यक सुविधाओं का इंतजाम किया गया। दर्शक दीर्घा के प्रबंधन, प्रवेश व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर प्रशासन की ओर से विशेष तैयारी की गई थी।गांधी मैदान और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था भी बेहद कड़ी रही। स्वतंत्रता दिवस जैसे संवेदनशील और बड़े आयोजन को देखते हुए सुरक्षा बलों की तैनाती, निगरानी और प्रवेश व्यवस्था पर खास नजर रखी गई।

13 विभागों की झांकियों में दिखेगा बिहार का विजन

मुख्यमंत्री के झंडोत्तोलन और संबोधन के बाद समारोह में 13 विभागों की अलग-अलग थीम पर आधारित झांकियां निकाली जाएंगी। इन झांकियों के जरिए राज्य की योजनाओं, विकास कार्यों, उपलब्धियों और भविष्य की प्राथमिकताओं को प्रदर्शित किया जाएगा।झांकियां बिहार की सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक तस्वीर को सामने रखने के साथ सरकार की विकास योजनाओं का संदेश भी लोगों तक पहुंचाएंगी।

गांधी मैदान में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पहला स्वतंत्रता दिवस झंडोत्तोलन राजनीतिक और प्रशासनिक लिहाज से भी अहम रहा। अपने पहले ही संबोधन में उन्होंने गांव, महिला सुरक्षा, शिक्षा, उद्योग, खेल और निजी निवेश जैसे मुद्दों को केंद्र में रखा।मुख्यमंत्री का संदेश साफ रहा कि आजादी की विरासत को सिर्फ याद करना काफी नहीं है, बल्कि उसे विकास, सुशासन और नागरिक जिम्मेदारी के जरिए आगे बढ़ाना भी जरूरी है। एक तरफ स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानी को सलाम किया गया, तो दूसरी तरफ बिहार के भविष्य के लिए बड़े मंसूबों और नए इरादों का ऐलान भी हुआ।