Pitrupaksh Mela 2026: गयाजी और पुनपुन में निर्बाध और सुरक्षित बिजली आपूर्ति के लिए SBPDCL की व्यापक तैयारी, 24 घंटे रहेगी पैनी नजर

Pitrupaksh Mela 2026: पितृपक्ष मेला 2026 के दौरान गया जी और पुनपुन आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए साउथ SBPDCL ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं.....पढ़िए आगे

बिजली आपूर्ति की तैयारी - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : विश्वप्रसिद्ध पितृपक्ष मेला 2026 के दौरान गया जी एवं पुनपुन आने वाले श्रद्धालुओं को निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (SBPDCL) द्वारा व्यापक तैयारियां की गई हैं। पितृपक्ष मेला 25 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होगा। प्रबंध निदेशक सौरभ जोरवाल (भा.प्र.से.) ने कहा कि पितृपक्ष मेला आस्था, श्रद्धा, परंपरा एवं सेवा का महापर्व है। इस दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु गया जी एवं पुनपुन पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मेला क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ आपात परिस्थितियों में त्वरित विद्युत बहाली के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं।

गया में विशेष विद्युत व्यवस्था

पितृपक्ष मेला के दौरान प्रमुख पिंडदान एवं तर्पण स्थलों, आवागमन मार्गों तथा अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था की विशेष निगरानी की जाएगी। इसके लिए पर्याप्त संख्या में अभियंताओं एवं तकनीकी कर्मियों की तैनाती की गई है। विद्युत आपूर्ति से संबंधित समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए विष्णुपद मंदिर के समीप एक अस्थायी नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। इसके अतिरिक्त मेला क्षेत्र में 20 छोटे नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय रहेंगे। विद्युत व्यवस्था की सतत निगरानी एवं विभिन्न टीमों के बीच बेहतर समन्वय के लिए पहली बार मेला क्षेत्र में वॉकी-टॉकी संचार व्यवस्था की गई है। इसके माध्यम से पदाधिकारी एवं कर्मी आपस में तत्काल संपर्क स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई कर सकेंगे। आपात स्थिति में त्वरित विद्युत बहाली के लिए चार मोबाइल वैन पर ट्रांसफार्मर चार्ज अवस्था में तैयार रखे जाएंगे। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए विद्युत सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता दी गई है। विद्युत पोलों पर डाइइलेक्ट्रिक पेंट कराया गया है, जिससे विद्युत स्पर्शाघात की संभावना को कम किया जा सके। निर्बाध विद्युत आपूर्ति एवं आकस्मिक परिस्थितियों में त्वरित बहाली के लिए दो 33 केवी स्रोतों—मानपुर एवं चंदौती—से डंडीबाग विद्युत उपकेंद्र के दो पावर ट्रांसफार्मरों तथा दो 11 केवी फीडर—टाउन-2 ओल्ड एवं टाउन-2 न्यू—को अलग-अलग जोड़कर वैकल्पिक विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था तैयार रखी गई है।

पुनपुन में भी व्यापक विद्युत व्यवस्था

पुनपुन (पटना) पितृपक्ष मेला क्षेत्र में भी निर्बाध एवं सुरक्षित विद्युत आपूर्ति के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। कूड़ा नवादा पावर सब-स्टेशन (PSS) को दो 33 केवी स्रोतों—33 केवी परसा बाजार एवं 33 केवी कूड़ा नवादा—से जोड़ा गया है। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत 11 केवी पुनपुन टाउन फीडर को विद्युत शक्ति उपकेंद्र, परसा बाजार में अधिष्ठापित डेडिकेटेड 5 एमवीए पावर ट्रांसफार्मर से विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था की गई है। मेला क्षेत्र में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर स्थापित कर लोड बैलेंसिंग की व्यवस्था की गई है। विद्युत सुरक्षा के दृष्टिकोण से नंगे तारों को कवर्ड कंडक्टर, एबी केबल एवं अंडरग्राउंड केबल से बदला गया है। साथ ही विद्युत पोलों एवं ट्रांसफार्मरों की आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। मेला क्षेत्र में एक अस्थायी नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है, जहां से विद्युत व्यवस्था की लगातार निगरानी की जाएगी।

सरकार का संकल्प

 प्रबंध निदेशक सौरभ जोरवाल ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि पितृपक्ष मेला के दौरान श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों को 24×7 निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराई जाए। इसके लिए बिजली कंपनी के अभियंता, अधिकारी एवं कर्मी पूरी तत्परता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने सभी अभियंताओं, अधिकारियों एवं कर्मियों से मेला अवधि के दौरान संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने की अपील की। साथ ही श्रद्धालुओं एवं आम नागरिकों से विद्युत सुरक्षा संबंधी सावधानियों का पालन करने तथा किसी भी विद्युत समस्या की स्थिति में तत्काल संबंधित विभाग को सूचना देने का अनुरोध किया। प्रबंध निदेशक ने कहा कि पितृपक्ष मेला के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा में विद्युत व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका है। SBPDCL द्वारा सेवा, सुरक्षा एवं सतत विद्युत आपूर्ति के संकल्प के साथ मेला क्षेत्र में विद्युत व्यवस्था को विश्वसनीय एवं सुचारु बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं एवं नागरिकों के सुरक्षित एवं सुविधापूर्ण पिंडदान की कामना करते हुए कहा कि वे गया जी एवं पुनपुन की पावन धरती से सुखद अनुभूतियां लेकर लौटें।