कोसी तटबंध की सुरक्षा को लेकर अधिकारियों का उच्चस्तरीय निरीक्षण: डीडीसी ने कटावरोधी सामग्रियों और मशीनरी का लिया जायजा, निगरानी के दिए निर्देश

कोसी तटबंध की सुरक्षा को लेकर अधिकारियों का उच्चस्तरीय निरीक
डीडीसी ने कोसी तटबंध की सुरक्षा का लिया जायजा- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : जिले में कोसी नदी के बढ़ते-घटते जलस्तर और संभावित खतरों को देखते हुए तटबंध की सुरक्षा का जायजा लेने के लिए अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय टीम ने गुरुवार को कोसी नदी के पश्चिमी तटबंध का निरीक्षण किया। इस टीम में उप विकास आयुक्त (DDC) इंद्रवीर कुमार, कार्यपालक अभियंता, अनुमंडल पदाधिकारी, सहायक अभियंता और प्रखंड विकास पदाधिकारी सहित जल संसाधन विभाग के अन्य प्रमुख अधिकारी एवं कर्मी शामिल रहे।


कटावरोधी सामग्रियोंजेसीबी और ट्रैक्टर की उपलब्धता की समीक्षा

निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त ने जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता से कटावरोधी सामग्रियों के भंडारण की मौजूदा स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि तटबंध की सुरक्षा के लिए पर्याप्त मात्रा में कटावरोधी सामग्री हमेशा उपलब्ध रहनी चाहिए। साथ ही, किसी भी आपात स्थिति से त्वरित ढंग से निपटने के लिए ट्रैक्टर, जेसीबी और अन्य आवश्यक मशीनरी की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।


अभियंताओं और मजदूरों की तैनातीतटबंध पूरी तरह सुरक्षित

कार्यपालक अभियंता ने अवगत कराया कि तटबंध की सतत निगरानी के लिए विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर अभियंताओं और पर्याप्त संख्या में मजदूरों की तैनाती की गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत सुरक्षात्मक कार्य शुरू किए जा सकें। विभाग के अनुसार, पिछले वर्षों में कराए गए सुरक्षात्मक कार्यों की बदौलत फिलहाल तटबंध पूरी तरह सुरक्षित और मजबूत स्थिति में है।


जलस्तर वृद्धि पर विशेष सतर्कता और स्थानीय लोगों से अपील

अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि कोसी नदी के जलस्तर में वृद्धि की स्थिति में विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। जल संसाधन विभाग के कर्मियों को तटबंध पर मुस्तैद रहकर नदी के जलस्तर और तटबंध की स्थिति पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा, उप विकास आयुक्त ने तटबंध के अंदर रहने वाले स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे जलस्तर पर नजर बनाए रखें और किसी भी असामान्य स्थिति की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें। 


विनय कुमार मिश्रा की रिपोर्ट