लालू यादव का जेल जाना तय ! सुप्रीम कोर्ट ने चारा घोटाला मामले में की अहम सुनवाई, जानिए कोर्ट ने क्या कहा

देवघर ट्रेजरी से जुड़े इस मामले में यादव पर 89 लाख रुपये के कथित गबन का आरोप है। विशेष सीबीआई कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराते हुए 3.5 वर्ष की सजा सुनाई थी।

Lalu Yadavs fodder scam- फोटो : news4nation

Lalu Yadav : सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को देवघर ट्रेजरी से जुड़े चारा घोटाला मामले में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को मिली जमानत के खिलाफ दायर सीबीआई की याचिका पर सुनवाई 22 अप्रैल तक स्थगित कर दी। जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने कहा कि मामले में दलीलें पूरी नहीं हुई हैं और कुछ आरोपियों की मृत्यु हो चुकी है। 


अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यह स्पेशल लीव पिटीशन किस प्रकृति की है, इससे दोनों पक्ष भली-भांति अवगत हैं। साथ ही अदालत ने यह भी कहा कि संबंधित मामलों में कई आरोपी 60 से 80 वर्ष की आयु के हैं और कुछ मामलों में फाइलें लंबित पड़ी हैं। जिन मामलों में प्रतिवादी की मृत्यु हो चुकी है, उन्हें बंद किया जाएगा।


सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने दलील दी कि झारखंड हाई कोर्ट ने कथित तौर पर कानून का उल्लंघन करते हुए सजा निलंबित कर दी। वहीं यादव की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि कुछ आरोपियों को नोटिस जारी नहीं किया गया है। उल्लेखनीय है कि झारखंड हाई कोर्ट ने पिछले वर्ष जुलाई में यादव को दी गई सजा की अवधि बढ़ाने संबंधी सीबीआई की अपील स्वीकार की थी।


देवघर ट्रेजरी से जुड़े इस मामले में यादव पर 89 लाख रुपये के कथित गबन का आरोप है। विशेष सीबीआई कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराते हुए 3.5 वर्ष की सजा सुनाई थी। सीबीआई ने निचली अदालत के आदेश को चुनौती देते हुए कहा है कि उस समय यादव पशुपालन विभाग के प्रभारी थे और जांच में यह सामने आया कि उन्हें देवघर ट्रेजरी में हुए गबन की जानकारी थी। एजेंसी का तर्क है कि इस अपराध में अधिकतम सात वर्ष तक की सजा का प्रावधान है, जबकि निचली अदालत ने 3.5 वर्ष की सजा दी। 


यह मामला उस समय का है जब झारखंड, बिहार का हिस्सा हुआ करता था। अब इस प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 22 अप्रैल को होगी।