Tej Pratap Yadav Jaychand: तेज प्रताप ने खोली राजद के 5 जयचंद के नाम की फाइल, अनुष्का से संबंध को बताया साजिश का हिस्सा

Tej Pratap Yadav Jaychand:तेज प्रताप ने बिना लाग-लपेट के पांच नाम उछाल दिए मुकेश रौशन, संजय यादव, रमीज खान, शक्ति सिंह और सुनील सिंह। उनके मुताबिक यही वो लोग हैं, जो पीठ पीछे छुरा घोंपने वाले जयचंद निकले।

तेज प्रताप ने खोली राजद के 5 जयचंद के नाम की फाइल- फोटो : social Media

Tej Pratap Yadav Jaychand: पटना की सियासी गलियों में इस वक्त बारूद की बू फैली है। लालू परिवार के अंदर चल रही खींचतान अब खुला मुक़दमा बन चुकी है। जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरजेडी और परिवार से निष्कासन को सीधे-सीधे जयचंदों की साजिश करार दिया। तेज प्रताप का कहना है कि यह कोई इत्तेफ़ाक़ नहीं, बल्कि सोची-समझी पटकथा थी, जिसमें पार्टी के भीतर बैठे कुछ लोग किरदार बने और सोशल मीडिया को हथियार बनाया गया।

तेज प्रताप ने बिना लाग-लपेट के पांच नाम उछाल दिए मुकेश रौशन, संजय यादव, रमीज खान, शक्ति सिंह और सुनील सिंह। उनके मुताबिक यही वो लोग हैं, जो पीठ पीछे छुरा घोंपने वाले जयचंद निकले। तेज प्रताप का आरोप है कि इन्हीं के इशारों पर उनकी छवि को क्रिमिनल स्टोरी की तरह पेश किया गया, फोटो लीक कराए गए और अफवाहों का बाजार गर्म किया गया।

रविवार रात पटना में मीडिया से बात करते हुए तेज प्रताप ने कहा कि छात्र राजद के कुछ युवा कार्यकर्ता इन जयचंदों के कहने पर सोशल मीडिया पर गाली-गलौज और चरित्र हनन में लगे रहे। “पिछले कुछ महीनों से जो कुछ भी मेरे खिलाफ चलाया गया, वो सब झूठ का पुलिंदा था,” तेज प्रताप ने तल्ख लहजे में कहा। उनके मुताबिक यह पूरी कवायद उनकी सियासी साख गिराने और उन्हें किनारे लगाने के लिए रची गई साजिश थी।

अनुष्का यादव के साथ रिलेशन की खबरों पर भी तेज प्रताप ने सिरे से इंकार किया। उन्होंने कहा, “इससे हमारा कोई ताल्लुक नहीं है। जो फोटो वायरल हुए, वो अकाउंट हैक होने का नतीजा थे।” तेज प्रताप ने इस मामले की तुलना अपने पिता लालू प्रसाद यादव पर दर्ज पुराने मामलों से करते हुए कहा कि जिस तरह उन्हें झूठे केस में फंसाया गया, उसी तरह अब उन्हें फंसाने की कोशिश हो रही है।

जेजेडी चीफ ने साफ किया कि वह इस साजिश के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। इतना ही नहीं, वह दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात कर पूरे प्रकरण को सामने रखेंगे। उनका दावा है कि यह सिर्फ पारिवारिक झगड़ा नहीं, बल्कि लोकतंत्र और राजनीति में चरित्र हत्या का खतरनाक खेल है।

बता दें कि मई 2025 में तेज प्रताप के सोशल मीडिया अकाउंट से अनुष्का यादव के साथ रिलेशन को लेकर एक पोस्ट आई थी, जो कुछ ही देर में डिलीट कर दी गई। बाद में अकाउंट हैक होने की बात कही गई, लेकिन तब तक तस्वीरें वायरल हो चुकी थीं। इसी दौरान पत्नी ऐश्वर्या राय से तलाक का मामला भी चल रहा था, जिससे विवाद ने आग पकड़ ली। नतीजा यह हुआ कि लालू प्रसाद यादव ने तेज प्रताप को छह साल के लिए पार्टी से निकाल दिया और परिवार से भी बेदखल कर दिया।

इसके बाद तेज प्रताप ने जेजेडी बनाकर चुनावी मैदान में उतरने की कोशिश की, लेकिन कामयाबी हाथ नहीं लगी। चुनाव के बाद परिवार के भीतर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला और तेज हो गया। बहन रोहिणी आचार्या ने तेजस्वी यादव और उनके करीबी नेताओं पर प्रताड़ना का इल्ज़ाम लगाया, और अब तेज प्रताप ने पहली बार नाम लेकर “जयचंद गैंग” को कटघरे में खड़ा कर दिया है। बिहार की सियासत में यह केस अभी लंबा चलने वाला दिख रहा है।