बिहार में शिक्षा विभाग सख्त,अब गुरुजी के बहाने नहीं चलेंगे! 10 फरवरी तक करना होगा ये काम नहीं तो जाएगी नौकरी

Bihar School News: शिक्षा के मैदान में अनुशासन कायम करने के इरादे से शिक्षा विभाग ने सख्ती का डंडा उठा लिया है। ....

Bihar education dept turns strict teachers must comply by Fe
बिहार में शिक्षा विभाग सख्त- फोटो : X

Bihar School News: बिहार के सरकारी स्कूलों में अब पढ़ाई सिर्फ किताबों से नहीं, बल्कि कैमरे और ऐप की निगरानी में होगी। शिक्षा के मैदान में अनुशासन कायम करने के इरादे से शिक्षा विभाग ने सख्ती का डंडा उठा लिया है। बिहार अटेंडेंस ऐप के जरिए शिक्षकों और बच्चों की ऑनलाइन हाजिरी दर्ज कराने को लेकर विभाग ने साफ कर दिया है कि अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। यह फैसला न सिर्फ शिक्षा सुधार की मुहिम है, बल्कि सरकारी स्कूलों में वर्षों से जमी ढिलाई पर करारा प्रहार भी माना जा रहा है।

विभाग की ओर से पटना जिले के उन सभी स्कूलों को इस पायलट प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है, जहां दो-दो टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं। आदेश के मुताबिक 10 फरवरी से ऐसे स्कूलों पर कार्रवाई शुरू होगी, जो बिहार अटेंडेंस ऐप पर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं करेंगे। अफसरशाही की जुबान में यह “पायलट प्रोजेक्ट” है, लेकिन सियासी हलकों में इसे शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने की आखिरी चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है। अगर यह प्रयोग कामयाब रहा, तो पूरे बिहार में इसे लागू किया जाएगा।

शिक्षा विभाग ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) को साफ हिदायत दी है कि स्कूलों के प्रधानाचार्य यह सुनिश्चित करें कि शिक्षक और छात्र दोनों की हाजिरी रोजाना ऑनलाइन दर्ज हो। आदेश में यह भी कहा गया है कि निदेशालय स्तर से रजिस्ट्रेशन और उपस्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है, यानी अब कोई भी चालाकी रडार से बाहर नहीं रहेगी।

जानकारी के मुताबिक, पटना जिले के करीब 3400 सरकारी स्कूलों को दो-दो टैबलेट दिए जा चुके हैं। जिले के 14 प्रखंडों में शिक्षकों की उपस्थिति से लेकर स्कूल की हर गतिविधि पर डिजिटल नजर रखी जा रही है। टैबलेट के जरिए बच्चों और शिक्षकों की हाजिरी दर्ज होगी, जिससे फर्जीवाड़े की गुंजाइश खत्म करने की कोशिश है।

नए फरमान के तहत क्लास टीचर को रोज क्लास में मौजूद बच्चों की फोटो और वीडियो बनाकर ई-शिक्षाकोष पर अपलोड करना होगा। पढ़ाई के दौरान की रिकॉर्डिंग, मिड डे मील खाते बच्चों के वीडियो और स्कूल परिसर की साफ-सफाई की झलक भी ऑनलाइन देनी होगी। इतना ही नहीं, हर महीने के अंत में सब्जेक्ट वाइज पूरा किए गए सिलेबस का ब्यौरा अपलोड करना अनिवार्य किया गया है।

रिपोर्ट पर स्कूल के प्रिंसिपल और मौजूद सभी शिक्षकों के हस्ताक्षर जरूरी होंगे। अगर कोई शिक्षक दस्तखत से बचता है, तो उसे गैरहाजिर माना जाएगा। कुल मिलाकर शिक्षा विभाग ने साफ संकेत दे दिया है अब सरकारी स्कूलों में गैरहाजिरी और लापरवाही का खेल खत्म होने वाला है।