Bihar Tender Scam: रिशु श्री महाघोटाले पर NDA सरकार पर आरजेडी का प्रहार, तेजस्वी ने पूछे सवाल, भ्रष्टाचार से कानून व्यवस्था तक घेराबंदी की तैयारी

Bihar Tender Scam: बिहार की सियासत में राष्ट्रीय जनता दल ने अपने 29वें स्थापना दिवस को महज़ जश्न नहीं, बल्कि संकल्प दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया है। ...

रिशु श्री महाघोटाले पर NDA सरकार पर आरजेडी का प्रहार- फोटो : social Media

Bihar Tender Scam: बिहार की सियासत में राष्ट्रीय जनता दल) ने अपने 29वें स्थापना दिवस को महज़ जश्न नहीं, बल्कि संकल्प दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया है। पार्टी का मकसद साफ है कि अब सड़क से सदन तक जनता के मुद्दों पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया जाएगा। 5 जुलाई को राज्यभर में कार्यकर्ता जनसरोकारों की लड़ाई का अहद दोहराएंगे, जबकि इससे पहले पटना में होने वाले कार्यक्रम में तेजस्वी यादव विपक्ष की आगामी राजनीतिक रणनीति का खाका पेश करेंगे।

आरजेडी ने रिशु श्री कथित टेंडर महाघोटाले को अपना सबसे बड़ा राजनीतिक हथियार बनाने का निर्णय लिया है। पार्टी का आरोप है कि यह केवल एक टेंडर घोटाला नहीं, बल्कि सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन (फाइनेंशियल मिसमैनेजमेंट) और सत्ता संरक्षित भ्रष्टाचार की पूरी दास्तान है। पार्टी का दावा है कि सरकारी खजाने की लूट और ई-टेंडरिंग व्यवस्था में कथित हेराफेरी ने सरकार के 'जीरो टॉलरेंस' के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं।

तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने 20 सवाल पूछते हुए जानना चाहा कि आखिर एक साधारण ठेकेदार कथित तौर पर कई विभागों के टेंडर कैसे नियंत्रित कर रहा था, वरिष्ठ अधिकारियों से उसका कथित संपर्क कैसे बना और ईडी की जांच में सामने आए तथ्यों के बावजूद बड़े अधिकारियों और राजनीतिक संरक्षण प्राप्त लोगों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई। तेजस्वी ने यह भी सवाल उठाया कि दो आईएएस अधिकारियों के निलंबन के बावजूद उनके खिलाफ गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई और क्या सरकार केवल छोटे अधिकारियों को बलि का बकरा बनाकर असली चेहरों को बचाने की कोशिश कर रही है।

उधर, आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह ने भी इस मुद्दे को और धार देते हुए पूर्व वरिष्ठ अधिकारी आनंद किशोर समेत नौ आईएएस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि उनके पास आरोपों के समर्थन में पुख्ता सबूत हैं। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित पक्षों का भी अपना पक्ष हो सकता है और मामले की जांच एजेंसियों एवं न्यायिक प्रक्रिया के निष्कर्ष अभी बाकी हैं।

आरजेडी की रणनीति केवल कथित घोटाले तक सीमित नहीं है। पार्टी महंगाई, बेरोजगारी, वेतन भुगतान में देरी, कानून-व्यवस्था, किसानों के मुद्दे और प्रश्नपत्र लीक जैसे सवालों को भी लेकर एनडीए सरकार के खिलाफ व्यापक राजनीतिक अभियान चलाने की तैयारी में है। पार्टी का मानना है कि इन मुद्दों को जनता के बीच मजबूती से उठाकर वह आगामी राजनीतिक संघर्ष को नई धार दे सकती है। वहीं, सरकार अब तक भ्रष्टाचार के आरोपों पर कार्रवाई और प्रशासनिक सुधार के अपने दावों को लगातार दोहराती रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में बिहार की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर और तेज होने के आसार हैं।