दिल्ली से लौटते ही गरजे तेजस्वी: शराबबंदी को बताया सत्ता पक्ष का रैकेट, राजभवन मार्च की दी चेतावनी
एनडीए में शराबबंदी को लेकर मच रहे घमासान पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी की बड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। तेजस्वी ने सीेधे तौर पर कहा है कि बिहार में शराबबंदी के नाम पर असल में सत्ता पक्ष में बैठे लोगों का ही एक बड़ा रैकेट चल रहा है....
Patna : नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने दिल्ली से पटना लौटते ही बिहार सरकार पर तीखा जुबानी हमला बोला। एनडीए में शराबबंदी को लेकर मच रहे घमासान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में शराबबंदी पूरी तरह से विफल हो चुकी है। तेजस्वी ने एक बड़ा बयान देते हुए आरोप लगाया कि बिहार में शराबबंदी के नाम पर असल में सत्ता पक्ष में बैठे लोगों का ही एक बड़ा रैकेट चल रहा है। जब उनसे पूछा गया कि क्या इस कानून की समीक्षा होनी चाहिए, तो उन्होंने कहा कि यह सवाल विपक्ष से नहीं बल्कि बिहार के मुख्यमंत्री से पूछा जाना चाहिए।
PM के 'अर्बन नक्सल' बयान पर पलटवार: 'छात्रों से मांगें माफी'
प्रधानमंत्री द्वारा लाल किले से दिए गए भाषण में 'अर्बन नक्सल' के जिक्र पर तेजस्वी यादव ने कड़ा एतराज जताया। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति या वर्ग सरकार को सच्चाई दिखाता है, उसे तुरंत कोई न कोई ठप्पा लगा दिया जाता है—किसान आंदोलन करें तो उन्हें खालिस्तानी कह दिया जाता है और अन्य आंदोलनों पर अलग-अलग टैग दिए जाते हैं। तेजस्वी ने कहा कि यह बयान सीधे तौर पर देश के छात्रों और युवाओं को निशाना बनाकर दिया गया है। उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री को इस बयान पर स्थिति साफ (क्लैरिफाई) करनी चाहिए और देश के युवाओं व छात्रों से माफी मांगनी चाहिए।
AK-47 गोलीकांड पर आक्रोश: 19 अगस्त को राजभवन मार्च का आह्वान
सीवान में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुए AK-47 गोलीकांड मामले को लेकर तेजस्वी यादव ने सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर उनकी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने राजभवन मार्च का ऐलान किया है। तेजस्वी ने कहा कि जिस तरह से छात्रों पर गोलियां चलाई गईं, वह बेहद शर्मनाक है। उन्होंने आम जनता, छात्रों और कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे इस मार्च में भारी संख्या में पहुंचे ताकि वे राज्यपाल से मिलकर अपना मांग पत्र (ज्ञापन) सौंप सकें।
पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल: 'निचले कर्मियों को बलि का बकरा बनाया'
तेजस्वी यादव ने मामले में प्रशासनिक कार्रवाई की कमी पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) से मुलाकात और शिकायत के बावजूद अब तक इस मामले में किसी वरिष्ठ अधिकारी पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। न तो संबंधित एसपी (SP) का निलंबन हुआ और न ही किसी मुख्य आरोपी पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने सिर्फ मामले की लीपापोती करने और जनता को दिखाने के लिए निचले स्तर के पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है, जो बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
'पुलिसिया स्टेट' नहीं बनने देंगे बिहार, न्याय मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन
नेता प्रतिपक्ष ने स्पष्ट किया कि बिहार को 'पुलिसिया स्टेट' की तर्ज पर चलाने की इजाजत किसी कीमत पर नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि छात्र अपने हक की आवाज उठा रहे थे, लेकिन उन पर बंदूकें तान दी गईं। जब तक इस पूरे कांड के असली दोषियों, जिम्मेदार अधिकारियों और आदेश देने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक विपक्षी गठबंधन और आरजेडी सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन जारी रखेगी।
अभिजीत की रिपोर्ट