Bihar News : पूर्व विधायक रीतलाल यादव मामले का होगा स्पीडी ट्रायल, अधिवक्ता राम विनय सिंह को मिली विशेष लोक अभियोजक की जिम्मेवारी

Bihar News : दानापुर के पूर्व विधायक रीतलाल यादव से जुड़े मामले में स्पीडी ट्रायल के लिए अधिवक्ता राम विनय सिंह को विशेष लोक अभियोजक के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है।

रीतलाल यादव मामले का स्पीडी ट्रायल - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : इसी माह मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की थी कि नये वकीलों को प्रति माह पांच हजार रुपये का  स्टाइपेंड दिया जायेगा। महाधिवक्ता एसडी संजय ने इस बात की जानकारी देते हुए बताया कि 1 जनवरी, 2024 के बाद बिहार स्टेट बार काउंसिल में पंजीकृत हुये सभी नये वकीलों को स्टाइपेंड योजना के शर्तो को पूरा करने पर लाभ दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि आय के सम्बन्ध में कुछ प्राथमिकताऐं रहेंगी। अक्टूबर प्रथम सप्ताह से ये योजना  प्रारम्भ  हो जायेंगी। सन 2020 में विधि  पदाधिकारियों की नियुक्ति लंबित थी। उन्होनें  कहा कि मैंने मुख्य कार्य 119 विधि  पदाधिकारियों को नियुक्त किया। मैं चयन समिति का अध्यक्ष  था। उन्होंने जानकारी दी कि शीघ्र ही वरीय लोक अभियोजक  व लोक अभियोजक नियुक्त किये जायेंगे। इस सन्दर्भ में शीघ्र एक विज्ञापन प्रकाशित  किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही विधि पदाधिकारियों  की सहायता के लिए  करीब पांच सौ सहायक भी नियुक्त  किये जायेंगे। इन तथ्यों  की जानकारी एडवोकेट जनरल एस डी संजय  ने मीडियाकर्मियों अपने कान्फ्रेंस रूम दिया। उन्होंने  बताया कि स्पीडी ट्रायल के विशेष लोक अभियोजक की नियुक्ति  की जायेगी। उन्होंने  जानकारी दी कि रीतलाल यादव मामलें में स्पीडी ट्रायल के लिए अधिवक्ता राम विनय सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गई हैं।

पूर्व में उन्होंने स्पष्ट किया था कि नई योजना हैं। शुरुआती दौर में छोटी मोटी समस्या सामने आ सकती हैं। लेकिन सरकार नये वकीलों को स्टाइपेंड योजना का लाभ  देना सुनिश्चित कर चुकी हैं। सरकार ने कई कल्याणकारी योजनाओं की घोषणाएं की हैं। 1 जनवरी, 2024 से नामांकित नए वकीलों को 3 साल तक पांच हजार रुपया मासिक स्टाइपेंड के साथ साथ अधिवक्ता संघों को ई-लाइब्रेरी के लिए पांच लाख की सहायता देगी। इस आवेदन के साथ मैट्रिक परीक्षा का प्रमाण पत्र, वकील के रूप में पंजीकृत प्रमाण पत्र, अनुभव एंव सक्रिय प्रैक्टिस प्रमाण पत्र, माता/पिता आय प्रमाण पत्र, निवासी प्रमाण पत्र, पैन कार्ड,एआईबीई प्रमाण पत्र, आपराधिक मामले में संलिप्तता नहीं होने का शपथ पत्र, वकालत पेशा के अलावा किसी दूसरे व्यवसाय में नही होने का शपथ पत्र,रद्द चेक देना होगा। उन्होंने बताया कि आवेदन पर एसोसिएशन के अध्यक्ष और महासचिव का हस्ताक्षर होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रस्टी कमेटी के कॉन्वेनर पटना में नहीं होने के कारण उनका  हस्ताक्षर अनिवार्य नहीं है। उनका कहना था कि बिहार के जूनियर वकीलों को शुरुआती आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी।

राज्य सरकार के महाधिवक्ता एस डी संजय ने जानकारी देते हुए बताया कि अगले महीने के प्रथम सप्ताह में राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस वी कामेश्वर राव की उपस्थिति में एक लंबे समय तक राज्य सरकार के महाधिवक्ता रहे राम बालक महतो के चित्र का अनावरण किया जायेगा। हॉल का नामकरण स्वर्गीय राम बालक महतो के नाम पर किया जाएगा। इसी दिन 1 जनवरी, 2024 के बाद वकील के तौर पर इनरोलमेंट करवाए वकीलों को 5 हजार रुपए स्टाइपेंड के रूप में देने की शुरुआत की जाएगी। लेकिन, माता पिता की आर्थिक स्थिति अच्छी होने की स्थिति में और सेवानिवृत्ति के बाद वकील के तौर पर नाम दर्ज कराने वाले वकीलों को स्टाइपेंड का लाभ नहीं मिल सकेगा।

उन्होंने बताया कि अभी तक राज्य सरकार का पक्ष पटना हाईकोर्ट में रखने हेतु 119 विधि पदाधिकारियों की नियुक्ति की जा चुकी है। महाधिवक्ता ने यह भी बताया कि स्पीडी ट्रायल के लिए विशेष लोक अभियोजक की नियुक्ति की जाएगी। उन्होंने बताया कि दानापुर के पूर्व विधायक रीतलाल यादव के मामले में विशेष लोक अभियोजक के तौर पर अधिवक्ता राम विनय सिंह की नियुक्ति की अनुशंसा की गई है।