UGC New Act 2026: UGC के नए नियम को लेकर बिहार में बवाल, भाजपा विधायकों की खुली बगावत, अपने ही सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरे नेता
UGC New Act 2026: यूजीसी के नए नियम को लेकर बिहार में भी भारी बवाल देखने को मिल रहा है। भाजपा विधायकों ने अब खुलकर अपने ही सरकार के खिलाफ बगावत करना शुरु कर दिया है।
UGC New Act 2026: बिहार में सत्तारूढ़ भाजपा के भीतर असंतोष के सुर तेज हो गए हैं। नवादा जिले के हिसुआ विधानसभा क्षेत्र से चार बार चुने गए वरिष्ठ भाजपा विधायक अनिल सिंह ने केंद्र सरकार के यूजीसी इक्विटी रेगुलेशंस 2026 (यूजीसी बिल) के खिलाफ खुली बगावत का ऐलान किया है। उन्होंने इस बिल को सामान्य वर्ग (स्वर्ण समाज) के छात्रों और शिक्षकों के साथ भेदभावपूर्ण बताते हुए सड़कों पर उतरकर विरोध जारी रखने की चेतावनी दी है।
भाजपा नेताओं का विरोध
अनिल सिंह ने अपनी ही पार्टी के नेताओं और शिक्षा मंत्रालय पर सवाल उठाते हुए कहा कि 15 जनवरी 2026 को जारी अधिसूचना में एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के लिए तो शिकायत निवारण समिति का प्रावधान किया गया है, लेकिन सामान्य वर्ग के खिलाफ भेदभाव या फर्जी शिकायतों से सुरक्षा के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं रखी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि फर्जी शिकायतों पर कार्रवाई से जुड़ा पुराना प्रावधान हटा दिया गया है, जिससे ब्लैकमेलिंग का खतरा बढ़ गया है।
सामान्य वर्ग के साथ भेदभाव
विधायक ने सवाल उठाया, “यह कैसा न्याय है कि किसी के साथ भेदभाव न हो, लेकिन हमारे साथ हो?” उन्होंने 2012 की दिग्विजय सिंह समिति का हवाला देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार किसी भी वर्ग के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए, जबकि मौजूदा मसौदा इसके उलट जाता दिख रहा है।
यूजीसी बिल में हो संशोधन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के नारे का उल्लेख करते हुए अनिल सिंह ने यूजीसी बिल में तत्काल संशोधन की मांग की। उन्होंने संकेत दिए कि शिक्षा मंत्री और पार्टी के कुछ नेताओं ने इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया है। विधायक ने चेतावनी दी कि यदि समाधान नहीं निकला, तो यह माना जाएगा कि कॉलेजों में जाति के नाम पर बंटवारे की नींव डाली जा रही है।
नवादा से अमन की रिपोर्ट